आज का देहरादून , ऊंची इमारते और फ्लाई ओवर

देहरादून में भी ऊंची इमारते , फ्लाई ओवर, बन गए हैं। यह दृश्य आईएसबीटी के हैं। आप यकीन नहीं मानोगे, जब यहां द्रोण के बगल से रोडवेज बस स्टैंड, से आईएसबीटी बस अड्डा लाया गया था , तब भारी विरोध हुवा। आज यह इलाका छोटा पड़ रहा है। कारण क्या हैं ?
आबादी।

देहरादून 3 और 4 लाख लोगों के लिए डिजाइन हुवा था। यहां करीब आज 10 लाख लोग हैं।

नरेंद्र मोदी जी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे उस दौरान सड़क के किनारे 300 मंदिरों को अतिक्रमण के तहत हटाया था। इसी से उनकी विकास पुरूष की कि छवि बनी थीं इस कदम की विरोध स्वरूप किसी ने चु नहीं की। यह विकास का बहुत बड़ा प्रतीक था।

मोदी के अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ पाकिस्तान के राष्ट्रपति श्री मुशर्रफ ने भी पाकिस्तान में जबरदस्त अभियान चलाया था । मुसर्रफ ने , करीब 9 साल के हुकूमत में , करीब 900 मस्जिद तोड़ी, लोगों को समझ नही आया। दूसरे दिन मालूम चला कि, यह विकास की लड़ाई थी। लेकिन मुसर्रफ ने पाकिस्तान के विकास की इबारत लिखी।

कहने का मतलब है मोदी जी 300 मंदिरों , मुसर्रफ ने 900 मस्जिदों से अपने यहां छवि पाई।

यहाँ के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने फलाईओवर जरूर बनाये हैं। जिस पर मैं खड़ा हूँ। वह उन्होंने ही बनाया। लेकिन रिस्पना पुल से शहर की सड़कें कब चौड़ी होंगी ? मंदिर, मस्जिद जिन्होंने सड़क
घेर रखी है कब हटेगी, यह सवाल है।

कुछ दिक्कतें जरूर आयेगी। मोदी जी और मुसर्रफ जी को भी आई होंगी। लेकिन समाधान भी निकल जायेगा। जिसका घर या दुकान आ रही है उसे ऑल वेदर रोड़ की तरह चार गुना मुआवज़ा
दिया जाना चाहिए।

जब रेसकोर्स, और बसंत विहार, डिफेन्स कालोनियों जो अंदर की हैं देख कर आनंद आ जाता है। 120 फ़ीट की सड़कें। वहां लोग भी संस्कार में रहते हैं। अतिक्रमण नहीं करते हैं।

आज देहरादून में सड़कों के पास मंदिरों को तोड़े जाने की आवश्यकता है। ठीक अहमदाबाद की तरह।

और आपने ही रावत जी मसूरी बाईपास से जोगीवाला की तरफ से साल भर पहले अतिक्रमण हटाया था। कितना सुंदर हो गया है अब। फैसले कुछ दिन बुरे लगते हैं बाद में सही कहलाते हैं।
मैंने भी जब देखा तो बहुत दुख हुवा। कि कैसे यह रोजीरोटी करेंगे। लेकिन यह बात भी बाहर आई कि इन्होंने कुछ सालों से दुकानें 20 फिट आगे कर दी थीं। अब हमारे गेस्ट एयरपोर्ट से सीधे मसूरी जाते हैं तो उन्हें भी अच्छा लगता होगा।

मोहकमपुर फलाईओवर आप ने बना दिया, अब जोगीवाला फलाईओवर बनने की आवश्यकता है। कुछ उड़ी उड़ी बातें सुनी की नोयडा के सांसद श्री महेश शर्मा ने अपने हॉस्पिटल के वजह से यह रूकाया हुवा है। यह कितना सच है मैं कह नहीं सकता हूँ।
लेकिन यदि ऐसा है तो हम बहुत पीछे हो रहे हैं।एक निजी अस्पताल के चक्कर मे महानगर पीछे हो जायेगा।

महाराणा प्रताप आईएसबीटी बस अड्डे में कितनी गंदगी है यह देख लीजिए। यशपाल आर्य जी कुछ कट्टे सीमेंट के उठा कर यहाँ बिछा दो महाराज। आप कह रहे हैं 80 बसें नई खरीदेंगे,। रखोगे कहा उन्हें। पहले इसका पुनर्निर्माण करो।

कुछ अवैध बस आती हैं उन से आप पैसे लेते हैं जैसे एयरपोर्ट में में हवाई जहाज को खड़ा करने के पैसे देते हैं। वैसे बाहरी स्टेट की निजी बसों से , यहाँ से चलने, खड़ा करने के हिसाब किताब है या नहीं।

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