20 वीं सदी में इतनी बर्फ, तब 8 वीं सदी से 400 साल तक यह मंदिर बर्फ से दबा रहा होगा , सच लगता है

शीशपाल गुसाईं

केदारनाथ: जब 20 वीं सदी में इतनी बर्फ, तब 8 वीं सदी से 400 साल तक यह मंदिर बर्फ से दबा रहा होगा , सच लगता है

कहा जाता है कि, केदारनाथ मंदिर सर्वप्रथम पांडवों ने बनवाया था, लेकिन वक्त के थपेड़ों की मार के चलते यह मंदिर लुप्त हो गया। बाद में 8वीं शताब्दी में आदिशंकराचार्य ने एक नए मंदिर का निर्माण कराया, जो 400 वर्ष तक बर्फ में दबा रहा।

केरल के आदि शंकराचार्य ने चार पीठो की स्थापना भी की थीं।

राहुल सांकृत्यायन के अनुसार ये मंदिर 12-13वीं शताब्दी का है। इतिहासकार डॉ. शिव प्रसाद डबराल मानते हैं कि शैव लोग आदि शंकराचार्य से पहले से ही केदारनाथ जाते रहे हैं, तब भी यह मंदिर मौजूद था। माना जाता है कि एक हजार वर्षों से केदारनाथ पर तीर्थयात्रा जारी है। कहते हैं कि केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग के प्राचीन मंदिर का निर्माण पांडवों ने कराया था। बाद में अभिमन्यु के पौत्र जनमेजय ने इसका जीर्णोद्धार किया था।

केदारनाथ मंदिर 85 फुट ऊंचा, 187 फुट लंबा और 80 फुट चौड़ा है इसकी दीवारें 12 फुट मोटी हैं और बेहद मजबूत पत्थरों से बनाई गई है। मंदिर को 6 फुट ऊंचे चबूतरे पर खड़ा किया गया है।
कितना बड़ा हिमालय जैसा काम किया था आदि शंकराचार्य ने।
पत्थर वहीं से तोड़े, या नदी से ले गए। फिर कत्यूरी शैली में निर्माण किया। 32 वर्ष की आयु में वहीं समाधी ले ली।
सोचिए आदि शंकराचार्य 80, 90 साल तक जीवित रहते,
हिमालय में कितने मंदिर बनाते।

फोटो -हम भी गढ़वाली छो पेज । लेटेस्ट फोटो केदारनाथ।

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