चपरासी से १० करोड़ की कंपनी के मालिक बनने का सफ़र

छोटू शर्मा वह शख्सियत हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थतियों में भी सपने देखना नहीं छोड़ा. अपना गाँव छोड़ वे चंडीगढ़ में आकर बस गए और चपरासी का काम करते हुए अपने सपने पूर्ण करने की दिशा में काम करते रहे. आज वे अपनी मेहनत और लगन के बल पर चंडीगढ़ स्थित 10 Crore Net Worth की कंपनी CS Soft Solution के मालिक हैं तथा चंडीगढ़ में ‘गुरु ऑफ़ माइक्रोसॉफ्ट टेक्नोलॉजी’ के नाम से प्रसिद्ध है.

जन्म और प्रारंभिक जीवन

छोटू शर्मा का जन्म हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गाँव में हुआ था. स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत वहीं के एक सरकारी कॉलेज से उन्होंने बी.ए. उत्तीर्ण किया.बी.ए. के उपरांत वे नौकरी की तलाश करने लगे. लेकिन बहुत प्रयासों के बाद भी उन्हें कोई नौकरी नहीं मिल सकी. अंततः नौकरी की तलाश में उन्होंने हिमाचल प्रदेश छोड़कर चंडीगढ़ जाने का निर्णय लिया और चंडीगढ़ चले आये.

चंडीगढ़ में भी वे कोई नौकरी नहीं ढूढ़ पाए. नियोक्ता उनसे व्यवसायिक डिग्री की मांग करते, जो उनके पास नहीं थी. आखिरकार एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने कंप्यूटर कोर्स करने का फैसला किया. लेकिन जेब में फीस भरने के पैसे नहीं थे.

Aptech Computer Center में चपरासी की नौकरी

खाली हाथ घर वापस जा नहीं सकते थे. घर की आर्थिक स्थिति पहले से ही ख़राब थी. इसलिए उन्होंने चंड़ीगढ़ के ही एक स्थानीय ‘Aptech Computer Center’ में चपरासी की नौकरी कर ली और वहीं कम्प्यूटर कोर्स भी ज्वाइन कर लिया. दिन भर वे चपरासी का काम करते और रात में जागकर पढ़ाई करते.उस computer course की फीस उन्हें चपरासी के रूप में मिलने वाले वेतन से कहीं अधिक थी. ऐसे में कई बार उन्हें पैसों की कमी के कारण भूखे पेट भी सोना पड़ता था. लेकिन उस आर्थिक तंगी में भी उन्होंने अपनी पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी. उनका लक्ष्य अपनी ज़िंदगी बनाने के साथ-साथ घर के हालात भी सुधारना था.

computer center में वह हर समय खाली कम्प्यूटर की तलाश में रहते थे. जब कभी उन्हें खाली कम्प्यूटर मिलता, वे प्रैक्टिस करने बैठ जाते थे.वह मन लगाकर कम्प्यूटर सीख रहे थे और कम्प्यूटर पर उनकी पकड़ बढ़ती जा रही थी. वह खुद तो प्रैक्टिस करते ही, साथ ही वहाँ आने वाले अन्य छात्रों की भी सहायता करते. ऐसा करते-करते उनमें पढ़ाने की कला विकसित हो गई.

जहाँ चपरासी थे वही के शिक्षक बने

जब उन्होंने ‘Microsoft Certified Software Developer Course’ पूरा कर लिया, तो ‘Aptech’ के संचालक ने उनके सामने फैकल्टी के तौर पर उसी कम्प्यूटर सेण्टर में पढ़ाने का प्रस्ताव रखा. यह प्रस्ताव छोटू शर्मा ने सहर्ष स्वीकार कर लिया.

इस तरह छोटू शर्मा उसी कम्प्यूटर सेण्टर शिक्षक बन गए, जहाँ वह चपरासी का काम करते थे. शाम के समय वह कम्प्यूटर सेण्टर में पढ़ाते और दिन में छात्रों के घर जाकर उन्हें कम्प्यूटर सिखाते. अपने वेतन के पैसों की बचत से उन्होंने एक साइकिल खरीद ली, जिससे उन्हें छात्रों के घर जाने में सहूलियत हो गई.

दो कमरे के फ्लैट में स्वयं के computer institute का प्रारंभ

वर्ष २००० तक उन्हें पढ़ाने के काम से अच्छी खासी कमाई होने लगी थी. लेकिन वे ज़िंदगी भर दूसरों की नौकरी नहीं करना चाहते थे. उन्होंने अपनी बचत के पैसों से दो कमरे का फ्लैट किराये पर ले लिया और वहाँ अपना स्वयं का computer institute खोल लिया.

६ महीने में ही ८० से ज्यादा छात्र वहाँ कम्प्यूटर सीखने आने लगे. तब उन्होंने एक बड़ी जगह ले ली और कुछ और कम्प्यूटर खरीद लिए. उनकी मेहनत से धीरे-धीरे उनके computer institute का नाम होने लगा और वहाँ छात्रों की संख्या बढ़ने लगी. कुछ ही समय में ‘Dot Net’ के प्रशिक्षण में चंडीगढ़ में उनका नाम प्रसिद्ध हो गया.

 ‘CS Infotech’ Institute तथा ‘CS Soft Solution’ Company की नींव

वर्ष २००७ में उन्होंने चंडीगढ़ में कई स्थानों पर ‘CS Infotech’ नाम से अपने इंस्टिट्यूट खोल लिए. आज वहाँ १००० से भी ज्यादा छात्र कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं.

वर्ष २००९ में उन्होंने मोहाली में जमीन खरीदकर अपनी कंपनी ‘CS Soft Solution’ स्थापित की. यह कंपनी कई बड़ी कंपनियों को software services उपलब्ध करवाती है.
पुरूस्कार और सम्मान

उनके कार्यों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा उन्हें २००७ में ‘हिमाचल गौरव’ के पुरूस्कार से भी नवाज़ा गया.आज उनकी कंपनी ‘CS Soft Solution’ में १२५ से ज्यादा कर्मचारी कार्य करते है. उनके इंस्टिट्यूट से निकले छात्र MicroSoft, TCS, Infosys और Accenture जैसी कई बड़ी कंपनियों में जॉब कर रहे है. आज छोटू शर्मा चंडीगढ़ में ‘गुरु ऑफ़ माइक्रोसॉफ्ट टेक्नोलॉजी’ के नाम से प्रसिद्ध है.

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