जिस आंगन से उठनी थी बेटी की डोली, वहां से बेटियों की अर्थी उठते देख हर कोई रोया

जिस आंगन से मां-बाप ने बेटियों की डोली उठने का सपना संजोया था। रविवार को उसी आंगन से बेटियों की अर्थी उठते देख बीरोंखाल ब्लॉक के बापता गांव में हरेक की आखें नम थीं। दोनों की असमय मौत से किसी की समझ में नहीं आ रहा था कि उन मांओं को हिम्मत बंधाएं भी तो कैसे। दरअसल छात्रा अमीषा का शव घटना वाले दिन बरामद कर लिया गया था, लेकिन उसके पिता के विदेश में होने के कारण अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था। शनिवार रात पिता दिनेश रावत गांव पहुंचे। रविवार को पैतृक घाट पर अमीषा का अंतिम संस्कार किया गया। अमीषा की अंत्येष्टि हो ही रही थी कि इस बीच पुलिस ने नेहा का भी शव बरामद कर लिया। इसके बाद नेहा का अंतिम संस्कार किया गया, जिससे माहौल और गमगीन हो गया। गत आठ फरवरी की सुबह बीरोंखाल ब्लॉक के ग्राम बापता निवासी कक्षा नौ की छात्रा अमीषा (14) पुत्री दिनेश रावत और कक्षा छह की छात्रा नेहा (11) पुत्री शिशुपाल सिंह रावत घर से विद्यालय के लिए साथ निकलीं।

घर वालों के मना करने के बावजूद स्कूल के लिए निकली नेहा और मनीषा को अनहोनी का आभास नहीं था। रोजमर्रा की तरह दोनों स्कूल जल्दी पहुंचने की होड़ में मुख्य पुल से विद्यालय न जाकर बल्लियों के पुल के सहारे नदी पार करने लगीं। घटना की पहली रात भारी बारिश के चलते नदी उफान पर थी व बल्लियों से संतुलन बिगड़ने के कारण अमीषा व नेहा नदी में बहने लगीं। घटनास्थल पर मौजूद प्राथमिक विद्यालय बापता में कार्यरत अध्यापक शिवदर्शन सिंह ने तैराकी न जानने के बावजूद दोनों बच्चियों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई, लेकिन दोनों तेज बहाव में बह गईं। अमीषा का शव एक घंटे बाद ही घटनास्थल से 150 मीटर दूर नदी से बरामद कर लिया गया था। उस दिन उसकी अंत्येष्टि नहीं हो पाई, क्योंकि उसके पिता दिनेश रावत दुबई में कार्यरत हैं। सूचना के बाद दिनेश रावत शनिवार रात साढ़े सात बजे गांव पहुंचे। रविवार को गांव वाले अमीषा की अंत्येष्टि कर ही रहे थे कि तभी दूसरी छात्रा नेहा का शव भी बरामद कर लिया गया। जब तक नेहा का पोस्टमार्टम होता, गांव वालों ने अमीषा का अंतिम संस्कार कर दिया था। पोस्टमार्टम के बाद नेहा का अंतिम संस्कार भी पैतृक घाट पर किया गया। दोनों बच्चियों के अंतिम संस्कार से बापता के ग्रामीण स्तब्ध हैं। सभी घटना से दुखी हैं। सभी नाते रिश्तेदार गांव पहुंचकर परिजनों को हौसला बढ़ा रहे हैं।

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