टीएचडीसी हाइड्रो पावर अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचईटी) भागीरथीपुरम कंप्यूटर साइंस व बीटेक में हाइड्रो पावर की होगी पढ़ाई

टीएचडीसी हाइड्रो पावर अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचईटी) भागीरथीपुरम में एक अगस्त से होने वाले शिक्षा सत्र 2019 से कंप्यूटर साइंस एमटेक और बीटेक में हाइड्रो पावर एंड रिनेबल एनर्जी के नए विषय की पढ़ाई शुरू होगी। दोनों विषय में पढ़ाई शुरू होने से संस्थान के नाम एक और उपलब्धि जुड़ जाएगी। अभी तक एमटेक की पढ़ाई न होने के कारण बीटेक करने वाले छात्रों को अन्य प्रौद्योगिकी संस्थाओं की ओर रुख करना पड़ता था।

टीएचडीसी आईएचईटी की स्थापना 2011 में हुई थी। संस्थान में खासतौर पर हाइड्रो पावर में बीटेक की पढ़ाई शुरू होती थी, लेकिन विभिन्न तकनीकी कारणों से छात्रों को केवल बीटेक के फाइनल सेमेस्टर में ही हाइड्रो की पढ़ाई करवाई जाती थी। इसके लिए अलग से विषय की स्वीकृति नहीं मिल पाई थी, जबकि एमटेक की कक्षाएं भी शुरू नहीं हो पाई। लेकिन संस्थान ने बीटेक हाइड्रो पावर एंड रिनेबल एनर्जी और एमटेक कंप्यूटर साइंस तैयार करवाकर ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) को स्वीकृति हेतु प्रस्ताव अक्तूबर 2018 में भेजा था।

संस्थान के सूत्रों ने बताया कि एआईसीटीई हाइड्रो पावर में बीटेेक की 60 और कंप्यूटर साइंस के वायलेस टेक्नोलॉजी में 18 सीट पर इस सत्र से प्रवेश देने को सहमत हो गया है। अब स्वीकृति मिलने के बाद जुलाई में उत्तराखंड तकनीकी विवि के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी, जिससे एक अगस्त से संस्थान में ही बीटेक और एमटेक की पढ़ाई शुरू हो सकेगी। देश के किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज में अब तक बीटेक में हाइड्रो पावर एंड रिनेवल एनर्जी पाठ्यक्रम नहीं है, जबकि हाइड्रो पावर के क्षेत्र में युवाओं के लिए सबसे अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध है।

इस सत्र से हाइड्रो पावर कंप्यूटर साइंस में एमटेक और बीटेक में हाइड्रो पावर एंड रिनेबल एनर्जी विषय शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही एआईसीटीई से अनुमति मिल जाएगी। बीटेक में 60 और एमटेक में 18 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे।
-प्रो. जीएस तोमर, निदेशक टीएचडीसी आईएचईटी।

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