दून विवि में दस दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला

देहरादून, स्कूल आफ मैनेजमेंट, दून विश्वविद्यालय द्वारा रिसर्च मैथोडोलोजी पर आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के आठवें दिन वीर बहादुर सिंह पूर्वाचंल विश्वविद्यालय, जौनपुर, उत्तर प्रदेश के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो0 अजय प्रताप सिंह ने सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान के विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। प्रो0 सिंह ने सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में शोध हेतु प्रयोग की जाने वाली सांख्यकीय एवं विश्लेषणात्मक तकनीकों के प्रयोग एवं औचित्य पर प्रकाश डालते हुए दो समूहों के मध्य सह-सम्बन्ध को विस्तार से व्यक्त किया। प्रो0 सिंह ने कहा कि कई बार शोध प्रश्न का मन्तव्य प्रयोग की गयी विश्लेषण विधि से मेल नहीं खाता है और हमारे शोध को वो स्थान नहीं मिल पाता जो मिलना चाहिए। इसलिये आवश्यक है कि शोध प्रश्न के अनुरूप विश्लेषण विधि अपनाई जाय।

द्वितीय सत्र में दून विश्वविद्यालय के प्रो0 हर्ष डोभाल ने कहा सन्दर्भ ग्रन्थ का शोध में महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होने कहा कि किर्सी भी सिद्वान्त की व्याख्या या आज के सन्दर्भ में पूर्व में विकसित सिद्वान्तों का परीक्षण करना होे तो संदर्भ ग्रन्थो की महती भूमिका होती है।
अंतिम सत्र में डा0 स्मिता त्रिपाठी में आर्टिकल राइटिंग पर शोधार्थियोें को विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि एक शोधार्थी का रीडिंग व राइटिंग दोनों स्किल्स में महारथ हासिल करना आवश्यक है।

अतिथियों का स्वागत प्रबन्धशास्त्र स्कूल के विभागाध्यक्ष प्रो0 एच0सी0 पुरोहित ने किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 प्राची पाठक ने किया। इस अवसर पर अमरप्रीत सिंह, नरेन्द्र कुमार, अपूर्वा भटनागर, शिवांगी सिन्हा, साक्षी गुप्ता,, मुकुल देव, पारस बम्पाल, शालिनी श्रीवास्तव, अनुराग कुशवाहा, एश्वर्य प्रताप, अंकिता मन्दोलिया, कुलजीत, सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के शोधार्थी उपस्थित रहे।

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