पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस खोलने के लिए भारत के सामने रखी ये शर्त, बालाकोट एयरस्ट्राइक का असर

14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी को भारतीय फौज ने पाक स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके साथ ही बालाकोट में जैश के कैंप पर हमला किया गया। उस हमले से पाकिस्तान इतना डर गया कि उसने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया जो आज तक बंद है। पाकिस्तान ने अब भारत के सामने शर्त रखी है।

पाकिस्तान की शर्त ये है कि अगर बार्डर पर तैनात भारतीय अपने फाइटर जेट को हटा लेता है तो वो अपने एयरस्पेस को खोल देगा। इस संबंध में पाकिस्तान ने मीडिया को जानकारी दी है कि कमर्शियल फ्लाइट्स को पाकिस्तानी एयरस्पेस को तभी इस्तेमाल करने दिया जाएगा जब भारत ये सुनिश्चित करे कि वो अपने लड़ाकू विमानों को हटा लेगा।

पाकिस्तान के एविएशन सेक्रेटरी नुसरत जोकि सिविल एविएशन अथॉरिटी के अध्यक्ष हैं उनका कहना है कि पाकिस्तानी एयरस्पेस के इस्तेमाल के संबंध में सरकार का नजरिया साफ है। भारत को न्यूनतम विश्वास बहाली के लिए ये कदम उठाना होगा। नुसरत ने ये भी बताया कि भारतीय एजेंसियों ने एयरस्पेस खोले जाने के संदर्भ में संपर्क किया था। इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारत के उस दावे को गलत बताया है जिसमें यह कहा गया है कि उसने अपने एयरस्पेस को पाकिस्तान के कमर्शियल फ्लाइट के लिए खोल दिया है।

सीएए के डीजी का कहना है कि थाईलैंड से पाकिस्तान आने वाली फ्लाइट्स भारतीय एयरस्पेस का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन हकीकत में भारतीय एयरस्पेस पाकिस्तान की कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए आज भी बंद हैं। पाकिस्तान का कहना है कि इमरान खा

बालाकोट में एयरस्ट्राइक के बाद भारत ने साफ कर दिया कि आतंकवाद और आतंकी संगठनों के खिलाफ उसकी निर्णायक लड़ाई जारी रहेगी। आतंकवाद के खिलाफ यह भारत की तरफ से अंतिम अभियान नहीं है। अगर पाकिस्तान की जमीन से नापाक आतंकी संगठन अपने मंसूबों को जमीन पर उतारने की कोशिश करते हैं तो भारत सख्त कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगा।

बालाकोट में एयरस्ट्राइक से पहले और बाद में अंतरराष्ट्रीय समाज को भारत यह समझाने में कामयाब रहा कि उनका मकसद किसी संप्रभु राष्ट्र पर हमला करने का कभी नहीं रहा है। भारत के इरादे और दावे की विकसित देशों के साथ साथ दुनिया के तमाम मुल्कों ने सराहा। हाल ही में बिश्केक और जापान में जी-20 की बैठक में भी भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी स्पष्ट सोच दुनिया के सामने रखी थी।जिसके बाद पाकिस्तान को लगने लगा है कि उसकी तरफ से छोटी सी भूल भी नुकसान की वजह बन सकती है। लिहाजा अपना एयरस्पेस खोलने से पहले पाकिस्तान चाहता है कि भारत सीमावर्ती इलाकों से अपने लड़ाकू विमानों को हटा ले।

न सरकार की कोशिश है कि दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्ते कायम होना चाहिए। लेकिन इसके लिए भारत को भी कुछ ठोस इंतजाम करने होंगे।

बता दें कि भारतीय कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए पाक एयरस्पेस बंद होने से भारतीय एविएशन इंडस्ट्री को नुकसान उठाना पड़ रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने संसद को जानकारी दी थी कि एयरस्पेस के बंद होने की वजह से 430 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जानकारों का कहना है कि जिस तरह से उड़ी हमले के बाद भारत की तरफ से सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी उसके बाद पाकिस्तान में दहशत थी। पाकिस्तान को इस बात का आभास था कि अब भारत की तरफ से पीओके में कार्रवाई हो सकती है। लेकिन उनके रणनीतिकारों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि भारत सीधे तौर पर पाकिस्तान में घुसकर कार्रवाई कर सकता है। भारत का बालाकोट तक पहुंच कर सफल एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान दहशत में आ गया।

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