पुलवामा: सर्च ऑपरेशन के दौरान, जैश के दो आतंकी ढेर , 4 जवान शहीद

खबर है कि पुलवामा के पिंगलिना में जैश के  कमांडर मारे गए हैं.  मारे गए  आतंकी गाजी रशीद उर्फ कामरान हमले का मास्टरमाइंड था.
जारी  एनकाउंटर में मेजर सहित चार जवान शहीद हुए हैं. एक जवान के घायल होने की भी खबर है. सूत्रों की मानें तो पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमांइड गाजी राशिद उर्फ कामरान मारा गया है. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
देर रात को इस ऑपरेशन को 55RR, CRPF और SOG के जवानों ने मिलकर चलाया
पुलिस ने कहा,    “जम्मू शहर में 15 फरवरी को लगा कर्फ्यू आज भी जारी रहेगा. प्रशासन की शाम तक कर्फ्यू में ढील देने पर फैसला लेने की संभावना है.”

पुलवामा आतंकवादी हमले के विरोध में प्रदर्शन के दौरान शरारती तत्वों द्वारा कश्मीर घाटी के नंबर प्लेट वाले कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिए जाने और अन्य को क्षतिग्रस्त करने के बाद शहर में कर्फ्यू लगाया गया था.

जम्मू में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद रहेंगी.

पूरी जानकारी मिलने के बाद ही सुरक्षाबलों ने इस ऑपरेशन को शुरू किया. जो जवान इस एनकाउंटर में शहीद हुए हैं उनमें मेजर डीएस डोंडियाल, हेड कॉन्स्टेबल सेवा राम, सिपाही अजय कुमार और सिपाही हरी सिंह शामिल हैं.  दूसरी तरफ घायल जवान  गुलजार मोहम्मद को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
खबर है कि 2 से 3 आतंकियों को सेना ने घेर रखा है. इलाके में इंटरनेट सेवाएं रद्द कर दी गई है. यह मुठभेड़ आज तड़के एक बजे शुरू हुई.  इस ज्वाइंट ऑपरेशन में 55आरआर, सीआरपीएफ और एसओजी पुलवामा शामिल हैं. इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया है.

इस एनकाउंटर की पूरी जानकारी मिलनी बाकी है. आपको बता दें कि पुलवामा में ही गुरुवार को सीआरपीएफ के एक काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था.  इस आतंकी हमले में अर्धसैनिक बल के कम से कम 40 जवान शहीद हो गए थे और कई घायल हुए थे.

इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान बेस्ड आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.
ग्रह मंत्रालय की और से मिला ये बयान 

बता दें कि गृह मंत्रालय ने रविवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में साजो सामान पहुंचाने तथा अभ्यासगत कारणों से अर्धसैनिक बलों के काफिलों का सड़क मार्ग से गुजरना ‘ आवश्यक’ है और इसलिए यह जारी रहेगा. हालांकि मंत्रालय ने राज्य में सैनिकों को पहुंचाने के लिए हवाई सेवाएं बढ़ाईं हैं.

मंत्रालय का यह बयान पुलवामा में बृहस्पतिवार को सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद आया है। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे.

अलगाववादियों से वापस ली गई सुरक्षा
पुलवामा आतंकी हमले को देखते हुए  सरकार ने अलगाववादी नेताओं को मिली सुरक्षा वापस ले ली है, जिनमें ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (APHC) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक, शब्बीर शाह, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन, फजल हक कुरैशी और अब्दुल गनी बट शामिल हैं. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इन 6 नेताओं और दूसरे अलगाववादियों को किसी भी तरह से सुरक्षा कवर नहीं दिया जाएगा.

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