भारत का सामना आक्रामक आस्ट्रेलिया से

पुणे। बेहतरीन फार्म में चल रहे और पिछले 19 मैचों से अजेय भारत गुरुवार को जब चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में आक्रामक आस्ट्रेलिया के खिलाफ  उतरेगा जो उसकी नजरें घरेलू मैदान पर अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने पर टिकी होंगी। स्टीव स्मिथ की अगुआई वाली टीम के खिलाफ भारत की 2016-17 सत्र की यह चौथी और आखिरी घरेलू टेस्ट श्रृंखला होगी।

टीम इंडिया इससे पहले न्यूजीलैंड को 3-0, इंग्लैंड को 4-0 और बांग्लादेश को 1-0 से हरा चुकी है। भारत की नजरें लगातार सातवीं श्रृंखला जीतने पर टिकी हैं जिस क्रम की शुरूआत 2015 में श्रीलंकाई सरजमीं पर हुई तीन मैचों की श्रृंखला के साथ हुई थी। भारत की जीत में कई चीजों की अहम भूमिका है और इसमें सबसे महत्वपूर्ण कप्तान विराट कोहली की बल्ले से बेहतरीन फार्म है। भारतीय कप्तान ने मोर्चे से अगुआई की है और पिछली चार श्रृंखलाओं में चार दोहरे शतक जड़ चुके हैं। कोहली ने इस दौरान पिछले 13 टेस्ट में 80 से अधिक की औसत से 1457 रन बनाए और भारत को हराने के लिए आस्ट्रेलिया को उसके कप्तान को विफल करने का तरीका ढूंढना होगा। भारत के अच्छे प्रदर्शन में रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा की स्पिन जोड़ी के बेहतरीन प्रदर्शन की भी अहम भूमिका रही है। ये दोनों आईसीसी की गेंदबाजों की रैंकिंग में शीर्ष दो स्थान पर काबिज हैं। आफ स्पिनर अश्विन ने पिछले 13 मैचों में 78 विकेट हासिल किए हैं और इस दौरान उन्होंने आठ बार पारी में पांच या इससे अधिक विकेट चटकाए और उनकी औसत 24 से कुछ अधिक की रही। बायें हाथ के स्पिनर जडेजा ने 10 टेस्ट में 25 से कुछ कम की औसत से 49 विकेट हासिल किए।
अश्विन और जडेजा की स्पिन जोड़ी ने न्यूजीलैंड और इंग्लैंड को रौंदने में अहम भूमिका निभाई थी और एक बार फिर आस्ट्रेलिया के खिलाफ इनसे काफी उम्मीदें होंगी। इन तीन खिलाडिय़ों के निरंतर प्रदर्शन के अलावा मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा तथा अन्य गेंदबाजों का योगदान भी बहुमूल्य रहा है। निचले क्रम के बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने कई बार भारत को मुश्किल से निकालकर मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। कोच अनिल कुंबले ने भी कहा था कि भारत ने चोट के अलावा कई कारणों से जीत के इस क्रम के दौरान समान अंतिम एकादश नहीं उतारी और हर बार विकल्प के रूप में उतरे खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया।भारत के इस 19 मैच के अजेय क्रम की शुरूआत श्रीलंका में दूसरे टेस्ट में जीत के साथ हुई। टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ 2012-13 श्रृंखला का चौथा और अंतिम टेस्ट ड्रा खेलने के दौरान से घरेलू मैदान पर कोई टेस्ट नहीं गंवाया है। टीम ने इस दौरान 20 मैच खेले जिसमें से 17 में जीत दर्ज की जबकि तीन ड्रा रहे। महाराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम के क्यूरेटर और पूर्व तेज गेंदबाज पांडुरंग सलगांवकर के अनुसार पिच से गेंदबाजों को अच्छा उछाल मिलेगा। आस्ट्रेलिया ने 2004-05 से भारत में कोई टेस्ट नहीं जीता है। आस्ट्रेलिया ने तब मेजबान टीम को 2-1 से हराया था। टीम को इसके बाद से चार टेस्ट की दो श्रृंखलाओं में 2-0 के समान अंतर से हार का सामना करना पड़ा जबकि उसे 2012-13 में पिछली श्रृंखला में 0-4 से वाइटवाश का सामना करना पड़ा।

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