मकर संक्रांति पर विशेष

महारानी खनेटी ने कत्यूरी शैली, में निर्माण कराया था विख्यात
विश्वनाथ मंदिर ( उत्तरकाशी ) का।खनेटी जी पहले राजा सुदर्शन शाह की धर्मपत्नी थीं।

उत्तरकाशी माघ मेले में क्यों नहीं नचाया जाता खनेटी जी को ?
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टिहरी की नींव रखने वाले राजा सुदर्शन शाह का कार्यकाल 1815 से लेकर 1859 तक है। इस बीच उन्होंने, और उनकी पत्नी खनेटी जी ने कई धार्मिक कार्य किये। पूरे राज्य में काफी जगह मंदिर बनाये। उत्तरकाशी का प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर खनेटी जी ने 1875 में बनाया था। हालांकि इसकी बुनियाद ,पत्थर रखना , स्थापित करना का इतिहास पहले का है। लेकिन इसको कत्यूरी शैली,
अद्भुत वास्तुकला में बनाने का श्रेय खनेटी जी को जाता है।
मंदिर के महंत अजय पुरी भी इस कथन को मानते हैं।

वरुणावत पर्वत की तलहटी पर विराजमान विश्व नाथ मंदिर को राजा भगीरथ से भी जोडते हैं। उन्होंने इसी भूमि में तप किया था।
लेकिन यह हज़ारों साल की किवदंती है। लेकिन 200 साल पहले का इतिहास मिलता है। जो बड़ी शिद्दत के साथ आज चमकता भी है।
आज बाड़ा हाट का थौलु है ,जो बाद में उत्तर काशी का माघ मेला हो गया था। आज शुरू हो गया है। उसके बारे में कहा जाता है कि, तिब्बत से जो सामान लाया जाता था। वह बाड़ा हॉट में लगता था।
पत्रकार शैलेन्द्र गोदियाल के अनुसार तिब्बत से लाये गए सामान का हिसाब किताब आज़ादी तक मुखबा के अंतिम मालगुजार श्री विद्या दत्त सेमवाल रखते थे। वे राज के नियंत्रण में काम करते थे।

उसका मेला बाड़ा में हॉट लगता था। तब यह नाम बाड़ाहॉट पड़ा। जो बाद में उत्तरकाशी कहा जाने लगा। 1962 के बाद व्यापार बंद हो गया। लेकिन उसी हॉट बाज़ार ने हर साल मेले का रूप ले लिया। दो जिलों के लोग अपने देवताओ के साथ माघ की संक्रान्ति में पहुँचते थे। पहले मेला एक माह चलता था।गंगा भागीरथी नदी में देवताओं को स्न्नान करा कर, नाचते थे। आज भी देवता नाचते हैं।मेला पूरे पहाड़ में प्रसिद्ध है। अब 10 दिन चलने वाले मेले में कंडार देवता से लेकर हर देवता , विश्वनाथ की धरती पर नाचते हैं। लोग खुशियों की मनोती मांगते हैं। इस अवसर पर खनेटी जी को भी याद किया जाना चाहिए। विश्व्नाथ मंदिर बहुत प्राचीन मान्यताओं वाला है। इसके पिछले हिस्से से दरवाजा खोल दिया गया है। मैंने 6 माह पहले सीनियर पुरी जी पूछा था यह दरवाजा ? उन्होंने कहा दर्शन कर बाहर जाने का रास्ता। भीड़ बढ़ जाती होगी। मंदिर के आसपास काफी सुविधाएं स्थापित दिखती है।

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