यूपी: स्वच्छता सर्वे में फर्स्ट आने को 18 करोड़ में खरीदीं कूड़ा गाड़ी, खुद हो रहीं कबाड़

स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता सर्वेक्षण पर सरकारी खजाने की लगातार सफाई हो रही है। कई करोड़ रुपये योजना पर खर्च हो गए लेकिन न तो शहर साफ हो पाया है और न ही सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य हुआ।

यही नहीं, निगम प्रशासन ने करोड़ों रुपये से कूड़ा वाहन खरीदे जिनमें से काफी वाहन डिपो की चारदीवारी में कैद हैं। इन वाहनों को सड़कों पर उतारने की निगम के पास फिलहाल योजना भी नहीं है। यही कारण है कि नए वाहन कूड़ा होना शुरू हो गए हैं।

नगर निगम ने तीन माह पहले 90 छोटी कूड़ा गाड़ियां, 22 ट्रैक्टर और ट्रॉलियां, तीन जेसीबी, सड़क स्वीपिंग मशीन, पोर्कलेन मशीनें खरीदी थीं। वाहनों की खरीद पर लगभग 18 करोड़ रुपया खर्च बताया जा रहा है।

इनमें से कुछ वाहन तो नगर निगम ने आनन-फानन में बगैर कार्ययोजना के ही सड़क पर उतार दिए, जो शहर में दौड़ते तो दिखाई दे रहे हैं लेकिन उनका स्वच्छता अभियान में योगदान नहीं दिख रहा है। बाकी निगम डिपो की चारदीवारी में खड़े बाकी वाहन कब बाहर निकलेंगे, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *