राम मंदिर: योगी ने नकारी अध्यादेश की बात, सिब्बल बोले- 4 सालों से क्या सो रही थी भाजपा

अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई जनवरी तक के लिए टाल दी है। फैसला टलने से लोग नाराज हैं। वह सरकार से इसपर अध्यादेश लाने या फिर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अध्यादेश लाने की संभावनाओं से मना कर दिया है।

एक चैनल के साथ हुई बातचीत में योगी आदित्यनाथ ने कहा न्यायिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा और अध्यादेश लाने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने उच्चतम न्यायालय से इस मामले को जल्द सुलझाने की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘हम संवैधानिक बाध्यताओं से बंधे हुए हैं। उच्चतम न्यायालय यथाशीघ्र इस मामले का समाधान करे। यदि न्याय मिलने में देरी होती है तो लोगों में इससे निराशा होती है।’

योगी ने मंदिर निर्माण में होने वाली देरी को लेकर संतों की नाराजगी के सवाल पर कहा, ‘संतों का हम सम्मान करते हैं। यह संक्रमण काल का एक ऐसा दौर है, जब संतों को धैर्य रखने की जरूरत है जिससे देश में शांति और सौहार्द बना रहे।’ इस मसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल का कहना है कि यदि सरकार कानून बनाना चाहती है तो कांग्रेस ने उसे रोका नहीं है।

कपिल सिब्बल ने कहा, ‘अदालत इस बात का फैसला करेगी कि अयोध्या के मामले को कब सुना जाएगा। इसका फैसला भाजपा या कांग्रेस नहीं कर सकती है। यदि वह कानून बनाना चाहते हैं तो कांग्रेस ने उन्हें रोका नहीं है। इस मसले को चुनाव के मद्देनजर उठाया गया है। क्या वह पिछले 4 सालों से सो रही है?’

इस मसले पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। विज का कहना है, ‘सुप्रीम कोर्ट महान है। जो चाहे वो करे। चाहे याकूब मेनन के लिए रात के 12 बजे सुप्रीम कोर्ट को खोले, चाहे जो राम मंदिर का विषय है जिसपर लोग टकी-टकटकी लगाकर देख रहे हैं उसको तारीख पर तारीख मिले। यह तो सुप्रीम कोर्ट की मर्जी है।’

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