राहुल गांधी ने मेरा दिल छू लिया : डॉ. हरक सिंह रावत

बार-बार विवादों में रहने वाले इस भाजपा नेता ने अपनी ही सरकार पर तंज कस दिया। इतना ही नहीं वह खुद को राहुल गांधी की तारीफ करने से रोक न सके। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि कई बार कुछ शब्द दिल को छू जाते हैं, बेशक उसे कहने वाला कोई भी क्यों न हो। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के एक वाक्य ने उनके दिल को छुआ।

हरक सिंह ने कहा कि, राहुल जी ने बोला था कि संयम और समय सबसे बड़ा हथियार होता है। ये बात उन्हें दिल से भा गई। ठीक वैसे ही जैसे मोदी जी ने अमेरिका की धरती पर जब यह कहा, मैं चाय बेचने वाला छोटा व्यक्ति था, छोटे व्यक्तियों के लिए काम करना चाहता हूं। उनके लिए बड़े काम करना चाहता हूं।

रावत सोमवार को उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के द्विवार्षिक प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। अधिवेशन में जुटे मिनिस्टीरियल कर्मियों के हितों की पैरवी करते हुए डॉ. रावत ने सरकार और सिस्टम पर तंज किए।

मैंने अफसरों को कह रखा है कि छोटे कर्मचारियों के हितों में तुम्हारी कलम कांपने लगे तो पत्रावली मुझको भेज दो, मैं निर्णय लूंगा। जेल जाना होगा तो मैं जाऊंगा। मैं 28 साल मंत्री रहा। मैंने ‘आउट ऑफ द वे’ जाकर फैसले लिए। मेरी नीयत साफ थी, इसलिए जेल नहीं गया। यदि हमारी नीयत में खोट है तो निश्चित रूप से हम निर्णय नहीं ले पाएंगे।’ यह कहना है कि बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत का।

उन्होंने कहा, मैं साफ कह रहा हूं, प्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और सरकारों के बलबूते पर परिवर्तन नहीं होगा। परिवर्तन यदि होगा तो प्रदेश के छोटे कर्मचारियों के दम पर होगा। जिम्मेदार पदों पर जो लोग हैं, उन्हें बड़ा दिल दिखाना होगा।  डॉ. रावत नौकरशाही की बढ़ती फौज पर कटाक्ष करने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि पहले 13 जिलाधिकारी थे। दो कमिश्नर थे। कुछ विभागों में एक दो आईएएस अफसर थे। हमने इनकी संख्या बढ़ाकर 100 से अधिक कर दिया। आईपीएस और पीसीएस अफसरों को फौज बढ़ गई। लेकिन जिस फौज को जमीन पर काम करना है, वो संकुचित होती चली गई।

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