शहीद मेजर विभूति ढौंडियाल की अंतिम यात्रा, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दी श्रद्धांजलि

उत्तराखंड : पुलवामा में सुरक्षा बल और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर विभूति ढौंडियाल का आज हरिद्वार में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. इससे पहले शहीद का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया. सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत सरकार के तमाम मंत्रियों व पूर्व सीएम हरीश रावत ने शहीद को श्रद्धांजलि दी.

मेजर विभूति के शहादत की खबर ने एक बार फिर देवभूमि के लोगों की आंखें नम कर दी हैं. हर कोई अपनी-अपनी तरह से मेजर को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है. शहीद मेजर 55 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे. जिन्होंने देश की रक्षा के खातिर सर्वोच्च बलिदान दिया है. मेजर विभूति पौड़ी के ढौंड गांव के रहने वाले थे और उनका परिवार अब देहरादून में रहता है

34 वर्षीय मेजर विभूति ढौंडियाल ने बीते साल अप्रैल में कश्मीरी पंडित निकिता कौल से शादी की थी. वे तीन बहनों के इकलौते भाई थे. मेजर की शहीद होने की खबर के बाद से उनका परिवार सदमे में है. देवभूमि के इस लाल की शहादत की खबर से जहां समूचा प्रदेश गमगीन है. वहीं, सीमा पर लगातार हो रही जवानों की शहादत से जनमानस में आक्रोश है. ऐसे में हर देशवासी के दिलो दिमाग में बस एक ही सवाल कौंध रहा है कि सीमाओं पर जवानों की शहादत का ये सिलसिला आखिर कब थमेगा।

बीते14 फरवरी को पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों के खात्मे के लिए सेना ने इन दिनों जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन चलाया हुआ है. इसी कड़ी में बीती रात पुलवामा के पिलगिन इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच चल रही मुठभेड़ में देहरादून के मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल समेत चार जवान शहीद हो गए.

बता दें कि रविवार आधी रात सेना और पुलिस को सूचना मिली थी कि पुलवामा आतंकी हलमे का अजाम देने वाले दो-तीन आतंकवादी पुलवामा के पिलगिन इलाके में छुपे हुए है. सेना ने आधी रात को सर्च ऑपरेशन चलाया और आतंकियों को घेर लिया. सोमवार सुबह तक सुरक्षा बलों और आतंवादियों के बीच मुठभेड़ चलती रही है. इस मुठभेड़ में सोमवार सुबह 55 राष्ट्रीय रायफल्स के चार जवान शहीद हो गए. जिसमें से एक देहरादून के मेजर विभूति ढौंडियाल थे. शहीद मेजर तीन बहनों के इकलौते भाई थे. तीनों बहनें उनसे बड़ी हैं. मेजर ढौंडियाल पौड़ी जिले के बैजरो ढौंड गांव के मूल निवासी हैं.

शहीद मेजर विभूति ढौंडियाल भगवान हनुमान के परम भक्त थे। वह हर मंगलवार को व्रत रखते थे। उनके दोस्त अफसोस जता रहे हैं कि जिस दिन व्रत रखते थे, उसी दिन उनका अंतिम संस्कार होगा।

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