सेना दिवस 2019 : जब भी युद्ध हुए, उत्तराखंड के सैनिकों-अफसरों ने कायम की मिसाल

सेना में बहादुरी दिखाने के मामले में उत्तराखंड का बड़ा नाम है। जब भी कोई युद्ध हुआ है, तभी उत्तराखंड के युवाओं ने अपनी जांबाजी से मिसाल कायम की है। वीरता के इतिहास में उत्तराखंड जैसे कम जनसंख्या घनत्व वाले राज्य का बड़ा नाम है।
आजादी से पहले हो या बाद में, हमेशा यहां के युवाओं ने सेना में अपनी बहादुरी की वीरगाथा स्वर्ण अक्षरों से लिखी। अविभाजित उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र के नाम आजादी से पहले ही जहां तीन विक्टोरिया क्रॉस सहित 364 वीरता पदक थे, वहीं आजादी के बाद से अब तक यहां बहादुरों ने एक परमवीर चक्र सहित 1262 वीरता पदक अपने नाम किए हैं।

ये है हमारे वीर जवान 
सूबेदार मेजर दरवान सिंह, विक्टोरिया क्रॉस
ऑनरेरी कैप्टन गजे सिंह घले, विक्टोरिया क्रॉस
रा. मै. गबर सिंह, विक्टोरिया क्रॉस (मरणोपरांत)
ले. जन. डीएस थापा, परमवीर चक्र
नायक भवानी दत्त जोशी, अशोक चक्र (मरणोपरांत)
कप्तान उमेद सिंह, अशोक चक्र (मरणोपरांत)
हवलदार गजेंद्र सिंह बिष्ट, अशोक चक्र (मरणोपरांत)
हवलदार बहादुर सिंह बोहरा, अशोक चक्र (मरणोपरांत)
नायक मोहन नाथ गोस्वामी, अशोक चक्र (मरणोपरांत)

स्वतंत्रता से पूर्व वीरता पदक
विक्टोरिया क्रॉस : 03
मिलिट्री क्रॉस : 25
इंडियन ऑर्डर ऑफ मेरिट : 53
इंडियन डिस्टिंग्विस्ड सर्विस मेडल : 89
मिलिट्री मेडल : 44
मैंशन-इन-डिस्पैच : 150

1947 से अब तक
परमवीर चक्र : 01
अशोक चक्र : 06
महावीर चक्र : 13
कीर्ति चक्र : 29
उत्तम युद्ध सेवा मेडल : 03
वीर चक्र : 100
शौर्य चक्र : 169
युद्ध सेवा मेडल : 28
सेना/नौ सेना/वायु सेना मेडल : 745
मैंशन-इन-डिस्पेच : 168

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *