हल्द्वानी : ओखलकांडा में आयरन की गोली खाने से 40 से अधिक छात्र हुए बीमार, एक दूसरे को देख बेहोश होते गए बच्चे

उत्तराखं: हल्द्वानी जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के सरकारी स्कूल में आयरन की गोली खाने के बाद कई बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों के बेहोश होने से स्कूल प्रशासन में अफरा -तफरा मच  गई । बीमार बच्चों को देर शाम एसटीएच में भर्ती कराया गया। विधायक राम सिंह कैड़ा समेत विभागीय अधिकारियों ने एसटीएच पहुंचकर बीमार बच्चों का हाल जाना। साथ ही विधायक ने मामले की जांच की मांग की है।
ओखलकांडा के राजकीय हाइस्कूल ककोड़गाजा में सोमवार को 147 बच्चों ने दोपहर भोजन के बाद आयरन फोलिक एसिड की टेबलेट खाई। दवा खाने के बाद बच्चे एक के बाद एक बीमार पड़ने लगे। कई बच्चों को बेहोशी छा गई। घायल बच्चों को निजी वाहनों से हल्द्वानी के लिए रवाना किया गया। वहीं, कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने स्वास्थ्य कर्मचारी की निगरानी के बगैर बच्चों को दवा खिला दी। इधर, देर शाम आठ बजे बाद बच्चे एसटीएच पहुंचे। रात नौ बजे तक 41 बच्चे अस्पताल पहुंच गए थे। विधायक खुद ही मरीजों को भर्ती कराने में जुटे रहे। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। सीईओ केके गुप्ता, डीइओ माध्यमिक एचएल गौतम ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों की स्थिति देखी। आधे रास्ते में मिली एंबुलेंस 108 एंबुलेंस भी समय पर नहीं पहुंची। परिजन बच्चों को पिकअप में ही लेकर आ गए। रौसिंल के पास एंबुलेंस से बच्चे एसटीएच पहुंचे।

बाद में आधे रास्ते पहुंची एंबुलेंस

गांव में एक के बाद एक लगातार छात्राएं बीमार होने लगी। गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन परेशान होने लगी। इस दौरान एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन नसीब नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने पिकप का इंतजाम किया। उसी में दरी बिछाई और छात्राओं को लेटाया। इलाज के लिए हल्द्वानी की तरफ चल दिए। 22 छात्राओं को पिकप में लाया गया। इसके बाद एंबुलेंस रौशिंल तक ही पहुंची। वहां से एंबुलेंस से बच्चे एसटीएच पहुंचे।

देखा-देखी बेहोश होते गए बच्चे
प्रधानाचार्य विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रकांत पांडे ने बताया कि वह सातवें पीरियड में खेल करा रहे थे। इतने में एक बच्चा आया और बोला कि छात्रा बसंती बेहोश हो गई है। जब पहली बार में उन्होंने ध्यान नहीं दिया तो बच्चे ने दोबारा प्रधानाचार्य को जोर देते हुए कहा तो वह वहां पहुंचे। बताया कि जब वह कक्षा-10 में पहुंचे तो छात्रा बसंती अपना सिर पकड़कर बैठी थी और जोर-जोर से रोने लगी और अचानक बेहोश हो गई। इसके बाद धीरे-धीरे बच्चे शोर मचाने लगे और पेट पकड़कर बेहोश होते चले गए।

अपनों को ढूंढ रही सहमी छात्राओं की निगाहें

एक के बाद एक 47 छात्राओं के एसटीएच पहुंचने पर माहौल में अफरा-तफरी मच गई। इसे देखकर परेशान छात्राएं सहम गई। डॉक्टर इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन सहमी छात्राओं की निगाहें अपनों को तलाशने लगी।

एसटीएच में भर्ती बच्चे
देवकी, निशा, गीता, हेमा, सोनू, हेमा, कमला, गंगा, पप्पू, पंकज, बबलू, ललित, कमल, मनोज, दिनेश, संदीप, हेमा, ममता, कविता, शीलू, चंदू, तुलसी, खुशबू, बसंती, बबीता, सरुली, पुष्पा, भगवती, बसंती, ज्योति, दीपा, कमला समेत 41 बच्चे एसटीएच में भर्ती हैं।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *