छात्रवृत्ति घोटाल में चेयरमैन समेत 05 लोग गिरफ्तार

छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी ने चार शिक्षण संस्थानों के तीन पदाधिकारियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया है। एसआईटी इंचार्ज मंजूनाथ टीसी के मुताबिक, कुछ कॉलेजों ने फर्जी दाखिला दिखाकर छात्रवृत्ति हड़पी। रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस की सचिवए मदरहुड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट.टेक्नोलॉजी भगवानपुर की चेयरमैन और महावीर इंस्टीट्यूट इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी की कोषाध्यक्ष मनिका शर्मा को एसआईटी ने हरिद्वार बुलाया। उचित जवाब नहीं देने पर एसआईटी ने उन्हें गिरफ्तार किया। रुड़की स्थित आईएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के क्लर्क अंकुर राणा पुत्र विजय सिंह निवासी अंबर तालाब रुड़कीए कोषाध्यक्ष शरद गुप्ता पुत्र मामचंद गुप्ता, सचिव मुजीब पुत्र बदीद्दुन मलिक और सदस्य योगेंद्र पाल सिंह पुत्र अभिमन्यु निवासी.सिविल लाइन रुड़की को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। चारों ने भी सवालों के सही जवाब नहीं दिये। इसके बाद इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। मनिका शर्मा के तीन कॉलेजों को छह साल में 27.75 करोड़ की छात्रवृत्ति मिली। आईएमएस कॉलेज को पांच साल में 4.13 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई। मनिका शर्मा गोविंदपुर (मेरठ) की हैं। एसआईटी इंचार्ज मंजूनाथ टीसी ने कहाए कितनी राशि का घोटाला हुआ हैए इसका पता पूरी जांच में चलेगा।

25 से अधिक कॉलेज संचालकों पर गिरफ्तारी की तलवार
रुड़की। छात्रवृत्ति घोटाले में रुड़की क्षेत्र के पच्चीस से अधिक कॉलेजों के संचालकों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। कई संचलाको ने काॅलेज बंद कर दिए हैं। एसआईटी को दस्तावेज दिखाने के लिए कुछ कॉलेजों ने मोहलत मांगी है। इस सप्ताह कुछ और संचालकों की गिरफ्तारी एसआईटी कर सकती है। यूपी के पंद्रह से अधिक कॉलेजों की जांच हो चुकी है। यूपी के अधिकांश कॉलेज सहारनपुर में हैं। रुड़की क्षेत्र में डिग्री कॉलेज के साथ ही आईटीआई और पॉलीटेक्निक जैसे कोर्स चलाने वाले संचालक भी  शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *