यहाँ आवारा पशुओं के कारण किसानो का खेती करना हुआ असंभव, कई किसानो को कर चुके घायल

दस्तक उत्तराखंड:  हल्द्वानी में आवारा पशुओं के कारन किसानो को बहुत मुशीबत हो रही है ये  वहां के सारे किसान इन पशुओं से परेशान हैं क्योंकि बढ़ते आवारा पशु उनकी फसलों के लिए जैसे काल बन गए हैं. गोवंश की हत्या पर प्रतिबंध की वजह से लोग ऐसे जानवरों को जंगल में छोड़ जा रहे हैं जिनका उपयोग नहीं है. ये जानवर जंगल से निकलकर जंगल से सटे इलाकों में आ जा रहे हैं और फ़सलों को नुक़सान पहुंचा रहे हैं.

किसानों के पास दिन-रात ऐसे जानवरों को भगाने के सिवा कोई और चारा नहीं है लेकिन ये आवारा जानवर बार-बार घूमकर किसानों की मेहनत को अपने पेट में पहुंचाने आ जाते हैं. विशेषज्ञ किसान राजेंद्र सिंह चुफाल कहते हैं कि ये आवारा जानवर हाथियों से भी ज़्यादा नुक़सान पहुंचा रहे हैं.

लेकिन कई बार भगाने पर इनमें से कुछ जानवर उल्टा किसानों को ही दौड़ा लेते हैं. यह आवारा जानवर कई किसानों को घायल भी कर चुके हैं.

हल्द्वानी और उसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान आवारा पशुओं के आतंक से परेशान हैं. फ़सलों को बचाने के लिए किसानो को दिन-रात खेतों में निगरानी करनी पड़ रही है.

परेशान किसान मंत्री से लेकर अधिकारियों तक सब से समस्या के समाधान को लेकर गुहार लग चुकी है लेकिन फिर भी कुछ नहीं बदला है. किसान नीमा देवी कहती हैं कि गोवंश की हत्या पर प्रतिबंध लगाकर सरकार ने अच्छा किया लेकिन अगर वह इनके लिए गोशालाओं का इंतज़ाम नहीं करती है तो किसानों के लिए खेती कर पाना संभव नहीं रह जाएगा और उनके भी मरने की नौबत आ जाएगी.

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