जब श्री ब्रह्मदत्त , ने नेताओं को कुर्ता पायजामा पोशाक का नेता बनाया।

जब श्री ब्रह्मदत्त , ने नेताओं को कुर्ता पायजामा पोशाक का नेता बनाया।

ब्रह्मदत्त जी यूपी सरकार में वित्त मंत्री रह चुके थे। त्रेपन सिंह नेगी जी के बाद 1984 में वे टिहरी गढ़वाल लोक सभा से कांग्रेस के सांसद बन गए। और राजीव गांधी सरकार में महत्त्वपूर्ण पेट्रोलियम मंत्री से नवाजा गया। वे किसी नेता या विपक्षी से वैमनस्य नहीं रखते थे। 84 तक नेता लोग कुर्ता पायजामा की जगह शर्ट  पेंट पहनते थे। बताते हैं कुर्ता पायजामा नेताओं को पंडित जी ने  वो पोशाक दी , जिससे वे कम्फर्ट जोन में रहने लगे।

बह्म दत्त जी लोकसभा चुनाव महंगा भी किया। छोटे नेता चुनाव में  गाड़ियों में चलने लगे। वे कार्यकताओं के समर्पित रहते थे।  उस समय गैस कनेक्शन की पूरे भारत में दिक्कत होती थी।छोटे छोटे नेताओ के पास कूपन होते थे। जिससे दिल्ही, मुंबई  परिचित को गैस कनेक्शन दिए गए।  कह सकते हैं उज्ज्वला योजना जैसे की शुरुआत पंडित जी ने 84 में शुरू कर दी थी।
अपने कार्यकर्ताओं का ख्याल रखना उन्हें सबसे पहले आता था। 1989 के चुनाव में इन्द्रमणि बडोनी जी  उन से चुनाव हार गए थे। उन्हें ब्रह्म दत्त ने गले लगा दिया था। आज के नेता एक ही पार्टी में होते, एक दूसरे को गले तो दूर शक्ल नहीं देखते हैं।

by शीशपाल गुसाईं

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