प्रोजेक्टर के माध्यम से वितरण अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण, जिला कार्यालय सभागार में कार्यशाला का आयोजन

राज्य के समस्त शासकीय विभागों मंे कार्य को और अधिक सुविधाजनक, तीव्रगति से सम्पादित करने व दैनिक कार्यो में पारदर्शिता लाये जाने के उद्देश्य से वेतन व देयकों का भुगतान आॅनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से सम्पादित कराये जाने की व्यवस्था लागू की गयी है, जिसके सफल सम्पादन के लिए समस्त आहरण वितरण अधिकारियों को एकीकृत वित्तीय प्रबन्धन प्रणाली (आईएफएमएस) में कार्य करने के लिए  प्रोजेक्टर के माध्यम से जिला कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया गया।
कार्याशाला एवं प्रशिक्षण की अध्यक्षता करते हुए कोषाधिकारी गिरीश चन्द ने कहा कि वर्तमान में विभागों के समस्त लेन-देन का कार्य कोर टेªजरी सिस्टम के माध्यम से कोषगार पोर्टल पर आॅन लाइन किया जा रहा है। कहा कि राज्य के समस्त कार्यालयों में समस्त सरकारी लेन-देन के कार्य के साथ-साथ सरकारी सेवकों के सभी प्रकार के व्यक्तिगत दावों, विभिन्न प्रकार के अग्रिमों, अवकाशों, सेवा पुस्तिका व वार्षिक गोपनीय चरित्र प्रवष्टि की पंजिकाओं को अद्यावधिक किये जाने आदि कार्यो को एक अप्रैल से एकीकृत वित्तीय प्रबन्धन प्रणाली (आईएफएमएस) पोर्टल के माध्यम से आॅनलाइन सम्पादित किया जाना है। उन्हांेने कहा कि प्रत्येक कार्यालय में आईएफएमएस पोर्टल के उपयोग में मेकर (प्रारम्भिक स्तर पर कार्य को करने वाला कर्मचारी व आॅपरेटर) चैकर (पर्यवेक्षक स्तर का कर्मचारी व अधिकारी) व औथराइजर व अप्रूवर (सक्षम स्वीकृताधिकारी) पृथक-पृथक त्रिस्तरीय यूजर बनाये जायेंगे। कहा कि आईएफएमएस पोर्टल पर कार्य करने के लिए हर संबंधित सरकारी कर्मचारी व अधिकारी के आधार नम्बर या कर्मचारी कोड नम्बर या मोबाइल नम्बर का प्रयोग करते हुए लाॅगिन बनाया गया है। इस लाॅगिन का प्रयोग करके सम्बन्धित कर्मचारी व अधिकारी आवंटित पृथक-पृथक कार्यो का आॅनलाइन सम्पादन कर सकेंगे। आईएफएमएस पोर्टल पर कार्य के लिए सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए समस्त आहरण वितरण अधिकारियों को राज्य एनआईसी द्वारा सरकारी ई-मेल उपलब्ध कराया जायेगा। कोषाधिकारी ने कहा कि आईएफएमएस पोर्टल में पैपर रहित व्यवस्था है। किसी भी कार्य से सम्बन्धित आवेदन, फार्म, देयक, स्वीकृति का आदेश आदि सिस्टम से ही जनरेट होगे तथा ऐसे अभिलेख जिन्हे कार्य के सम्बन्ध में संलग्न करना अनिवार्य हो उन सभी को स्कैन करके पीडीएफ फारमेट बनाकर यथा स्थान पर अपलोड किया जायेगा। कहा कि प्रत्येक कार्मिक को स्वयं के क्लेम, अग्रिम, अवकाश आदि (जीपीएफ, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, यात्रा भत्ता) आदि को आनलाईन स्वयं आवेदन करना होगा। कार्याशाला में अधिशासी अभियंता जितेन्द्र त्रिपाठी, परियोजना अर्थशास्त्री एमएस नेगी, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक एलएस दानू, जिला सेवायोजन अधिकारी कपिल पाण्डे, जिला उद्यान अधिकारी योगेन्द्र चैधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी बलवन्त सिंह रावत,  लेखाकर चन्द्रमोहन बिष्ट, लेखाकार आशीष गोस्वामी सहित समस्त आहरण वितरण अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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