मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पेयजल योजना का किया शिलान्यास

नथुवावाला में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रतिदिन 16 घंटे शुद्ध पानी देने वाली पेयजल योजना का शिलान्यास किया। 22.48 करोड़ से बनने वाली इस योजना से नथुवावाला, बालावाला, गूजरोवाला, आदर्श विहार की एक लाख से ज्यादा आबादी को फायदा मिलेगा।

नथुवावाला में एक वेडिंग हॉल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा अर्चना के बाद विश्व बैंक से वित्त पोषित इस योजना का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इस पेयजल योजना में 40 फीट की ऊंचाई तक बिना मोटर के पानी पहुंचेगा। साल 2050 के लिए डिजाइन यह योजना दिसंबर 2020 तक पूरी हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि डोईवाला में 60 करोड़ की पेयजल योजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें 36 करोड़ तक के कार्य पूरे हो गए हैं। तीन करोड़ से 1800 बिजली के पोल लगाए, 600 लगना बाकी हैं। 35 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, 28 और लगाए जाने हैं।

उन्होंने जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात में कहे अनुसार ई पेमेंट, जनसंख्या नियंत्रण, जल संचयन, कुपोषण, प्लास्टिक के कचरे से निजात के लिए सहयोग की अपील की। साथ ही कहा कुपोषण मुक्त प्रदेश बनाने के लिए सरकार दो हजार बच्चों को गोद ले रही है।

उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के कचरे से निजात के लिए प्लाज्मा तकनीक और सौंग बांध बनाने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। महापौर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि डोईवाला आदर्श विस बनती जा रही है। साथ ही नथुवावाला को स्मार्ट वार्ड बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। विश्व बैंक के परियोजना निदेशक उदय राज सिंह ने बताया कि 1000 करोड़ से प्रदेश के 35 शहरों में पेयजल योजना सुदृढ़ होंगी।

इस मौके पर लोक कलाकारों ने गणेश वंदना पेश की। वहीं लोक गायिका मीना राणा ने हम उत्तराखंडी छा गीत गाया। इस दौरान जल संस्थान के सीजीएम एसके शर्मा, जल निगम के एमडी भजन सिंह, पार्षद स्वाति डोभाल, राजपाल सिंह रावत, कुंवर सिंह, नीलम सेमवाल, पुष्पा भारद्वाज, शांति, विवेक, विनोद चंद्र रमोला आदि मौजूद रहे।

जल संस्थान के सीजीएम एसके शर्मा ने बताया कि इस पेयजल योजना के अंतर्गत तीन नए नलकूप सूर्या कॉलोनी, आदर्श विहार, गूजरोवाला में लगेंगे। दो नए ओवरहेड टैंक बनेंगे। इस योजना में 74 किमी नई पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। वहीं 42 किमी लंबी पुरानी लाइन में 18 किमी का नवीनीकरण होगा। इसका कॉल एवं बिल सेंटर भी यही होगा। दो साल तक कार्यदायी संस्था ही संचालन एवं रखरखाव करेगी।

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