कोरोना ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुबोध मैठाणी की जान ले ली, 26 अप्रैल तक थे ठीक

आज सुबह से कोरोना की घातक खबरें आ रही हैं। शाम होते होते मालूम चला कि कोटद्वार में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता श्री सुबोध मैठाणी कोरोना की जंग हार गए। वह हमारे मित्र थे। तीन चार साल पहले एक दिन उनसे 1 घंटे की मुलाकात हुई थी। तब उन्होंने मुझे अपना नंबर शेयर कर दिया था। इस बीच मैंने व्हाट्सएप का ब्रॉडकास्ट ग्रुप बना दिये थे, जिसमें जो मित्रगण हैं जो फेसबुक पर नहीं हैं उन्हें वह ऐतिहासिक, या समसामयिक रचना एक साथ 256 लोगों को भेजी जाए। इस ब्रॉडकास्ट ग्रुप में मैंने अपने टेस्ट के उन लोगों को जोड़ा है जो लिखे हुए की कद्र करना जानते हैं। उसमें इंजीनियर सुबोध मैथानी भी थे।

22 अप्रैल को मैंने सिराई (टिहरी) यात्रा पर एक स्टोरी ब्रॉडकास्ट की थी। उसमें उन्होंने 26 अप्रैल को रिप्लाई कर तीन बार गुड कहा था। इससे पहले भी वह हौसला देते रहते थे। हालांकि 4 साल से कोई फोन पर वार्तालाप नहीं हुई। मैंने आज दिन में उनकी फेसबुक में फोटो देख ली थी, लेकिन मुझे पूरी तरह से ध्यान नहीं आया कि, वही सुबोध मैठाणी हैं। खबर सुनकर मैं उनके व्हाट्सएप प्रोफाइल चित्र पर काफी देर तक उनकी फोटो देखता रहा। मैं दोबारा आज स्तब्ध हुआ। फिर मैंने कोटद्वार में कई फोन किये।तब मालूम चला,आज सुबह तड़के 3 बजे देहरादून में एक निजी अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ा। उनके सहायक ने आज सुबह उन्हें 5:00 बजे स्वास्थ्य के हालचाल जानने के लिए फोन किया था। तो वहां से अध्यापिका पत्नी की रोने की आवाज आई। सहायक को मालूम चल गया कि साहब नहीं रहे। जबकि उन्हें देहरादून अस्पताल में एक ही दिन हुआ था।

20 तारीख से पहले उन्होंने कुछ थकान महसूस की थी तो उन्होंने कोरोनावायरस की जांच कराई। जो रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, लेकिन जब थकान ज्यादा महसूस हुई,तो उन्होंने दोबारा कोरोना-19 की जांच कराई, जिसमें वह पॉजिटिव पाए गए। उनका कोटद्वार के अस्पताल में इलाज चला। तब उन्हें हायर सेंटर में रेफर कर दिया गया था। लेकिन 26 तारीख तक तो वह बिल्कुल ठीक थे, क्योंकि उन्होंने मुझे रिप्लाई कर गुड कहा था।कोरोना वायरस इतनी जल्दी ठीक ठाक लोगों को मार रहा है यह इन्हीं बातों से पता चलता है।

मालूम चला कि इंजीनियर मैठाणी 10 तारीख के आसपास
कोर्ट केश में सिंचाई विभाग की जमीन के सिलसिले में स्वर्ग आश्रम गए हुए थे। तभी से उन्हें कोरोना हुआ होगा। स्वर्ग आश्रम कोरोना का हॉट स्पॉट बताया जा रहा है। क्योंकि
हरिद्वार कुंभ से लोग या जोगी सैर करने स्वर्ग आश्रम हज़ारों की संख्या में आये थे।

45, 46 साल के इंजीनियर मैठाणी 4 साल पहले कोटद्वार इसलिए नई टिहरी से आये थे कि, वहाँ उनकी पत्नी टीचर थीं। गोपेश्वर में उनका घर है। मूल जिला उनका अब रुद्रप्रयाग है।कोरोना का डर और मृत्यु कितनी विभत्स है कि उनके दो बच्चे जो बोडिंग स्कूल में हैं। अपने पिता को अंतिम समय में सही ढंग से नहीं देख पाए।

3129 लोग आज गुरुवार को कोरोना बीमारी से स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। यह खबर अच्छी हो सकती है। लेकिन बहुत बुरी खबर यह है कि, अच्छे अच्छे, सही सलामत लोगो को कोरोना-19 धरती पर धड़ाम गिरा दे रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *