डाॅ. धन सिंह रावत उच्च शिक्षा विभाग की वर्चुवल मीटिंग…

वैक्सीनेशन में सहयोग करेंगें एन.सी.सी. एवं एन.एस.एस. के छात्र डाॅ. धन सिंह रावत
उच्च शिक्षा विभाग की वर्चुवल मीटिंग में बनी सहमति, कोविड नियमों का होगा पालन
उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे 5 लाख छात्र-छात्राओं को लगेगी कोविड वैक्सीन

आगामी 01 मई, 2021 से राज्य में शुरू हो रहे महा वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने में उच्च शिक्षा विभाग हर तरह से सहयोग करने के लिये तैयार है। माननीय मंत्री उच्च शिक्षा ने यह निर्देश दिया है कि, आवश्यकता पड़ने और प्रशासन द्वारा मांगे जाने पर संस्थान वैक्सीनेशन कार्यक्रम के लिये स्थान उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही एन.एस.एस. स्वयं सेवकों, रोबर्स रेंजर्स तथा एन.सी.सी. कैडेट जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर स्वयंसेवी के रूप में अपनी सेवायें देंगे जिस हेतु जिला प्रशासन इनको समुचित सुविधा और कोविड सुरक्षा हेतु आवश्यक किट और निर्देश देगा। टीकाकरण कार्यक्रम में सहयोग हेतु लगाए जाने से पूर्व इन स्वयं सेवकों एवं कैडेटस का वैक्सीनेशन कराया जायेगा तथा DG NCC से प्राप्त निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए इनका सहयोग लिया जाएगा।
यह बात प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग, सहकारिता, प्रोटोकाॅल एवं आपदा प्रबंधन एवं पुर्नवास राज्य मंत्री डाॅॅॅॅ. धन सिंह रावत ने आज राज्य के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग के दौरान कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में दो पूर्व आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के 18 से 45 वर्ष के सभी लोगों को निःशुल्क कोविड वैक्सीन लगाने का निर्णय लिया गया है, जिनकी संख्या काफी अधिक है ऐसे में राज्य सरकार ने वैक्सीनेशन लगाने हेतु पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि वैक्सीनेशन केन्द्रों पर कोविड नियमों का पालन करते हुये इस प्रक्रिया को पूर्ण किया जा सके। इसी के मध्यनजर उच्च शिक्षा विभाग ने वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिये राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों तथा निजी शिक्षण संस्थानों में वैक्सीनेशन केन्द्रों के लिये जगह उपलब्ध कराने के साथ ही एन.सी.सी. कैडेटस एवं एन.एस.एस. स्वयं सेवकों की नियमानुसार सेवा लेने की अनुमति जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को दे दी है। डाॅॅॅॅ. रावत ने कहा कि जिला प्रशासन जिन एन.सी.सी. कैडेटस एवं एन.एस.एस. स्वयं सेवकों से वैक्सीनेशन कार्यक्रम में सहयोग लेगा उनको सर्वप्रथम वैक्सीन लगाई जायेगी तथा नियमानुसार ही उनके अभिभावकों की सहमति की दशा में ही सहयोग लिया जायेगा। इसके अलावा एन.सी.सी. निदेशालय एवं एन.एस.एस. के नियमों के अन्तर्गत ही सम्बन्धित की सेवायें ली जायेंगी। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष से कोविड के चलते उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं की पढा़ई में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। लेकिन इस वर्ष राज्य के सभी 106 राजकीय महाविद्यालयों एवं सभी विश्वविद्यालयों को 4जी नेटवर्क सेवा से जोड दिया गया है। ताकि छात्र-छात्रायें के। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्राचार्य छात्र-छात्राओं को वैक्सीनेशन के लिये प्रेरित करें।
बैठक में राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण प्रो. पी.पी. ध्यानी, प्रो. एन.एस. भंडारी  एन.के.जोशी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, निदेशक उच्च शिक्षा, डाॅॅॅॅ. कुमकुम रौतेला, महानिदेशक, स्वास्थ्य, डाॅ. प्रीती बहुगुणा, राज्य नोडल अधिकारी वैक्सीनेशन एन.सी.सी. महानिदेशक, कर्नल रमन अरोरा, कर्नल पंकज शर्मा, आईजी पुलिस अमित सिन्हा राज्य नोडल अधिकारी वैक्सीनेशन, समस्त राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य, एन.सी.सी. एवं एन.एस.एस.के नोडल अधिकारी, एडुसैट के प्रभारी अधिकारी डाॅ. विनोद कुमार, रूसा प्रभारी, डाॅ.ए.एस.उनियाल, सहायक निदेशक डाॅ. डी.सी.गोस्वामी एवं डाॅॅ. दीपक पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

 

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