पहाड़ी अनाज पौष्टिकता का खजाना, जो कि स्वाद के साथ इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए है लाभदायक

पहाड़ी अनाज पौष्टिकता का खजाना होता है बात चाहे स्वाद की हो, या फिर सेहत की। ये हर पैमाने पर पूरी तरह से खरे उतरते हैं। कोरोना काल में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लोग एकबार फिर पहाड़ी अनाज की तरफ मुड़ने लगे हैं और उन्हीं अनाजों में से पौष्टिक गुणों से भरा एक अनाज है मंडुवा। पहाड़ों में इसे आज भी बड़े ही चाव से खाया जाता है,

लेकिन शहरों से तो ये गायब ही हो गया है। अब जबकि कोरोना काल में लोगों को हाई प्रोटीन डाइट लेने की सलाह दी जा रही है, तो लोग फिर से मंडुवे को अपने भोजन में शामिल करने लगे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में मिलने वाला मंडुवा बेहद ही लाभकारी है। ये ऑर्गेनिक रूप में होता है। इसमें आयरन, अमीनो एसिड और प्रोटीन जैसे खनिज तत्व पाए जाते हैं जो कि हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।

मंडुवे के आटे से रोटियां बनाई जाती हैं। इसे पतली लस्सी और हलवे के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। पतली लस्सी बनाने के लिए मंडुवे के आटे को घी में भूनकर इसमें सौंठ, हल्दी और अजवाइन डाल दें। बादाम और मुनक्के का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। भूनने के बाद इसमें आधा गिलास पानी डालकर इसे पिएं। ये शरीर को गर्मी देने के साथ ही खांसी, सर्दी, जुकाम और बुखार में भी राहत देगा। आयुष मंत्रालय ने भी क्षेत्रीय आहार को बढ़ावा देने के लिए गाइडलाइन जारी की है, तांकि इम्यूनिटी बढ़े और लोगों को जैविक भोजन उपलब्ध हो सके और लोगों में बिमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ सके।

मंडुवे के फायदे-

मंडुआ के सेवन से अत्यधिक प्यास लगने की समस्या खत्म होती है, शारीरिक कमजोरी दूर हो सकती है और कफ दोष को ठीक किया जा सकता है। आप मंडुआ का प्रयोग मूत्र रोग को ठीक करने, शरीर की गंदगी साफ करने के लिए भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं शरीर की जलन, त्वचा विकार, किडनी या पथरी की समस्या में भी मंडुआ का इस्तेमाल किया जता है।

 

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