पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को आईएमएफ करेगा बूस्ट, छह अरब डॉलर के कर्ज को दी मंजूरी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान को तीन साल के लिए छह अरब डॉलर के के कर्ज की मंजूरी दी। पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और लोगों की जीवन दशा को सुधारने के मकसद से यह कर्ज मंजूर किया गया है।

इमरान खान की सरकार के पद संभालने के बाद बेलआउट पैकेज के लिए पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने अगस्त 2018 में आईएमएफ से संपर्क किया था। आईएमएफ के प्रवक्ता गेरी राइस ने ट्वीट कर कहा कि आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने पाकिस्तान की आर्थिक योजना को मदद देने के लिए तीन साल के लिए छह अरब डॉलर के कर्ज की मंजूरी दी है। यह कर्ज देश की अर्थव्यवस्था को ठीक करने और जीवन दशा को बेहतर करने के मकसद से दिया गया है।

पाकिस्तान में अर्थव्यवस्था की हालत है खस्ता
इससे पहले कुछ समय पहले पाकिस्तान के वित्तीय सलाहकार हफीज शेख ने कहा था कि विदेशी कर्ज 90 अरब डॉलर से ज्यादा हो गए हैं, और निर्यात ने पिछले पांच सालों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान को आईएमएफ से 6 बिलियन डॉलर मिलेंगे, और इसके अलावा, अगले तीन सालों में हमें विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक से 2 से 3 बिलियन डॉलर मिलेंगे।’

वित्तीय सलाहकार हफीज शेख ने आगे कहा, ‘व्यापार घाटा 20 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है और पिछले दो सालों में हमारे विदेशी मुद्रा भंडार में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसलिए पाकिस्तान वार्षिक भुगतान में 12 बिलियन डॉलर का अंतर है और हमारे पास उन्हें भुगतान करने की क्षमता नहीं है।’

राहत पैकेज पर अमेरिका ने जताई थी कड़ी प्रतिक्रिया
हाल ही में अमेरिका ने आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान को वित्तीय राहत पैकेज देने का करार करने पर अंतराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से ‘कड़ी प्रतिक्रिया’ जताई थी और कहा है कि उसे वित्तीय मदद ‘शर्त लगा कर’ दी जानी चाहिए। अमेरिकी सरकार को चिंता है कि पाकिस्तान आईएमएफ की वित्तीय मदद का उपयोग चीन से लिए कर्ज को चुकाने में कर सकता है।

पाकिस्तान ने 6 अरब डॉलर के राहत पैकेज के लिए आईएमएफ के साथ एक समझौता किया है। इस राशि का उपयोग पाकिस्तान अपने वित्तीय संकट को दूर करने और धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में करेगा।

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