अब इतिहास में ही दिखेगा बड़ेथी बाज़ार ।

शीशपाल गुसाईं

उत्तराखंड बनने से पहले बड़ेथी बाजार की रौनक बहुत रहती थी, लेकिन ऑल वेदर रोड़ के कारण बहुत पुराना बाज़ार
दरबदर हो गया है। कल रविवार को इस बाजार से एक शादी में गुजर रहा था। तो नीचे उतरकर एक एक दुकाने देखता रहा। क्या नहीं था बड़ेथी बाजार में। जबरदस्त रौनक रहती थी। धूमधाम रहती थी। चार -पांच पट्टियों का 1947 का बाजार था यह। बंटवारे के बाद कुछ रिफ्यूजी यहां आकर बस गए थे उनकी संख्या चार पांच थी उन्होंने ही बड़े मार्केट कि यहां शुरुआत की। यहां अनाज, धान, दालों की मंडियां भी थी। जब धरासू में एनपीसीसी और सिंचाई विभाग का डैम और सुरंगे बन रही थी,तब बड़ेथी बाजार प्रमुख सौदे- पत्ते का केंद्र था।

उत्तराखंड बनने के बाद चिन्यालीसौड़ फलने फूलने लगा। बड़ेथी बाजार की जगह चिन्यालीसौड़ ने ले ली थी। लेकिन ऑल वेदर रोड ने दोनों बाजारों को खत्म कर दिया। एक बाजार से हाईवे का बीचोबीच न होने पर कुछ सालों बाद चिन्यालीसौड़ में वीरांगी हो जाएगी। नया लिंक नगुण – बड़ेथी हाइवे के बीच हवाई पट्टी में में न्यू चिन्यालीसौड़ विकसित होगा। लेकिन बड़ेथी के बीचो-बीच ऑल वेदर रोड़ बनने की वज़ह से यहां के पुश्तैनी व्यापारियों, लोगों को अपनी इमारतों, दुकानों की बड़ी कुर्बानियां देनी पड़ी।

बड़ेथी गांव ,बड़ेथी बाजार से ऊपर बसा है। गांव की वजह से ही इस बाज़ार की बसावट हुई। दशगी पट्टी, बनचौरा बाजार का मार्ग पहले इसी बाजार से जाता था। अब सड़कों का जाल बिछ गया है।कटखेत का मार्किट भी यही था।इस बाजार और गांव ने बालक श्री प्रीतम सिंह पंवार को बड़ा किया। या बड़ा होते देखा, जो आगे चल कर उत्तराखण्ड सरकार में कैबिनेट मंत्री बना। बड़ेथी गांव से 2019 में अभिनव शाह आईएएस अधिकारी बने। क्षेत्र के युवा, अभिनव शाह की प्रेरणा लें, इसलिए मैंने शाह का जीवन वृत्त और इतिहास भी लिखा था। वह 3 माह से चकराता के एसडीएम हैं। बड़ेथी बाज़ार की यादें, हमेशा जीवित रहेगी।आने वाली पीढ़ी के लिए यह बाज़ार हाईवे दिखाई देगा। समय के साथ साथ पहाड़ में परिवर्तन आ रहे हैं

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