आदमखोर बाघ को ढेर करने वाले जिम कॉर्बेट की पुण्यतिथि आज

आदमखोर बाघ ने रुद्रप्रयाग में 125 लोगों को और चंपावत में 436 लोगों को निवाला बना दिया था, उन आदमखोर को जिम कॉर्बेट ने दुनिया से मिटा दिया था। आज उनकी पुण्यतिथि है।

बात 2 मई 1926 की है रुद्रप्रयाग में आदमखोर बाघ का इतना आतंक हो गया था कि लोग दिन में ही घरों में कैद हो जाते थे। 125 लोगों को आदमखोर बाघ ने अपना निवाला बना दिया था दहशत में जी रहे लोगों की चिंता के प्रति गढ़वाल के अंग्रेज कलेक्टर को भी हुई उन्होंने जिम कॉर्बेट को रुद्रप्रयाग बुलाया और रुद्रप्रयाग से पहले गुलाब राय में आदमखोर बाघ को ढेर करने के लिए मचान बनवाया।
जिम कॉर्बेट को यहां सफलता मिली। उन्होंने *मैन इटर ऑफ रुद्रप्रयाग* पुस्तक लिखी है। कुमाऊं मंडल के चंपावत में करीब 436 आदमियों को एक नरभक्षी बाघ ने मारने का इतिहास मिलता है वहां भी जिम कॉर्बेट ने उस नरभक्षी बाघ को ठिकाने लगा दिया था।इस प्रकार जनता शांति से जीने लग गई थी। इस शांति में जिम कॉर्बेट का अहम योगदान था।
यहाँ भी उन्होंने मैन इटर ऑफ कुमाऊँ भी लिखी थी।


आज ही के दिन 1955 में उनका देहांत हुआ था। गोविंद बल्लभ पंत जी ने उनके देहांत के बाद कॉर्बेट नेशनल पार्क का नाम जिम कॉर्बेट रख दिया था उससे पहले इस पार्क का नाम यूपी के गवर्नर हैली के नाम था। जिम कॉर्बेट का देहांत दक्षिण अफ्रीका में हुआ था वहां भी उसने नेशनल पार्क बनाया था। वह पशुओं से प्रेम करता था लेकिन पशु जब मानव के दुश्मन हो जाते थे तो वह भी उनका दुश्मन हो जाता था।

2 साल पहले राजपुर रोड में आज के ही दिन उत्तराखंड के वरिष्ठ सामाजिक नेता व गुर्जरों के लिए लड़ाई लड़ रहे श्री सुरेंद्र सिंह सजवाण ने यह कार्यक्रम रखा था। जिसकी यह फोटो है आज भी जिम कॉर्बेट पर दो शब्द लिखने का मन हुआ मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। जिसने हमारे पूर्वजों को नरभक्षी बाघ से बचाया था।

शीशपाल गुसाईं

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