सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की  समीक्षा बैठक…

सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत जी की अध्यक्षता में आज सभागार निबंधक सहकारी समीतियां मियांवाला में सहकारिता विभाग की विभागीय समीक्षा आहूत की गई। इस समीक्षा बैठक में निबंधक , समस्त अपर निबंधक, उप निबंधक सहकारी समितियां तथा समस्त सचिव/ महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक के द्वारा कोरोना संक्रमण के चलते वर्चुअली प्रतिभाग किया गया।

सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत जी ने एक बार फिर सहकारिता को अपने उच्चतम स्तर पर कार्यशील होने पर जोर देकर सहकारिता में सृजित प्रारूप के समन्वय की बात कही। इस समीक्षा बैठक में प्रमुख बिंदुओ में से एक पैक्स कंप्यूटरीकरण के सम्बंध में उप महाप्रबंधक, उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक ने अवगत कराया कि प्रदेश भर में 670 समितियों को कंप्यूटरराइज्ड हेतु 600 समितियों तथा 10 जिला सहकारी बैंकों से कुल 35.18 करोड़ रुपया प्राप्त किया जा चुका है जिसके सापेक्ष में संबंधित फर्म को 22.38 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
बता दें कि बैठक में अल्मोड़ा, हरिद्वार, टिहरी, ऊधमसिंह नगर व चमोली की कुछ समितियों के सापेक्ष में बैंकों द्वारा अंशदान अभी भी अप्राप्त है। जिसके सम्बंध में मा. मंत्री जी द्वारा समस्त सम्बंधित जिला सहायक निबंधको को स्पष्ट निर्देशित किया गया कि अवशेष समितियों के अंशदान की धनराशि को अविलंब पैक्स निधि खाते में जमा करवाने हेतु नोटिस जारी किया जाए। और साथ ही  जिला सहकारी बैंकों को निर्देश देते हुए सहकारिता मंत्री जी ने कहा कि आने वाले तीन दिनों के भीतर अंशदान की धनराशि संबंधित खातों में प्रेषित की जाए। धन की कमी के चलते पैक्सों के कंप्यूटरीकरण का कार्य किसी भी स्थिती में बाधित ना हो। इसी के साथ बैठक में निर्णय लिया गया की राज्य सहकारी बैंक तत्काल नाबार्ड से संपर्क कर उनके द्वारा दी जाने वाली 5 करोड़ रूपये की सहायता राशि को तत्काल अवमुक्त करायें।

सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत जी ने सी.बी. एस. प्रणाली एवं डाटा सेंटर की समीक्षा करते हुये निर्देश जारी किये की जिला सहकारी बैंकों में आपुर्ति, क्रियान्वयन, प्रशिक्षण तथा कोर बैंकिंग समाधान के सम्बंध में निबंधक, सहकारी समितियाँ, उत्तराखंड द्वारा राज्य सहकारी बैंकों को अधिशासी निदेशक, टेलीकम्यूनिकेशन कंसलटेंट इण्डिया लिमिटेड द्वारा उपलब्ध करायी गयी डी०पी०आर० पर अग्रेत्तर कार्यवाही की जाये। ज्ञात हो कि इसके चलते टी.सी.आई.एल. कम्पनी द्वारा हल्द्वानी में डाटा सेंटर की स्थापना की गयी है ,वो वेकेन्ट पार्टनर को साफ्टवेयर डेमो प्रेषित करें। वर्तमान में कार्यरत सी.बी. एस. प्रदाता कम्पनी विप्रो को 19 दिसंबर 2017 को हुये अनुबन्ध पत्र को समाप्त करने के सम्बंध में समीक्षा कर डाटा माइग्रेशन के लिये निर्देशित करने को भी कहा गया।

तीसरे महत्वपूर्ण बिंदु स्विच माइग्रेशन की समीक्षा में मा० मंत्री जी की अध्यक्षता में विदित हुआ कि जिला सहकारी बैंकों में सर्वत्रा टेक्नोलॉजिस कंपनी6 से स्विच/एटीएम सम्बंधित सेवायें जो चल रही थी किन्तु उनके द्वारा विभिन्न सेवाओं के लिये समय समय पर अत्यधित धनराशि सेवा शुल्क के नाम पर ली जा रही थी VAS के माध्यम से ग्राहकों को शिक्षित व डिजिटल पेमेन्ट में वृद्धि किये जाने के उद्देश्य हेतु, निबंधक, सहकारी समितियां, उत्तराखंड के आदेशानुसार बैंकों में स्विच का पायलट प्रोजेक्ट किये जाने के निर्देश देते हुये मैसर्स सर्वत्रा के स्थान पर मैसर्स के. एफ़.एस./ई.पी.एस. से लिये जाने का पायलट प्रोजेक्ट पूर्ण कर लिया गया है व वर्तमान में समस्त संबंधित सेवायें इन्ही से ली जा रही है, तथा स्विच माइग्रेशन हेतु जिला सहकारी बैंक देहरादून, हरिद्वार को समस्त सेवायें मैसर्स के.एफ.एस./ई.पी.एस. के माध्यम से सुचारू रूप में संचालित करने के निर्देश भी जारी किये गये।

सहकारिता में हर व्यक्ति तक पहुँचने की दूरदर्शिता के चलते नयी जिला सहकारी बैंक शाखायें स्थापित करने हेतु 76 नवीन जिला सहकारी बैंकों की शाखायें जहां तक संभव हो समीपवर्ती समिति भवन में ख़ोले जाने हेतु दिशानिर्देशित किया गया। व सम्बंधित अधिकारियों को तत्काल इस विषय में कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।

मा. मंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री मोटर साइकिल योजना तथा घस्यारी कल्याण योजना के प्रभावी किर्यान्वन व योजना का जन प्रसार हेतु मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्मो के माध्यम से अधिक से अधिक प्रचार व प्रसार की बात कही गयी। जिससे कि प्रदेश भर के वास्तविक पात्रों तक सरकार की इन महत्वकांक्षी योजनाओं को सही तरीके से किर्यान्वित किया जा सके। व उक्त योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ योग्य लाभार्थी ले सके।

मंत्री जी ने एनपीए खातों की वसूली हेतु सबसे अच्छा कार्य कर रहे बैंकों को पुरस्कृत करने की बात कही, वहीं जिला सहकारी बैंकों व राज्य सहकारी बैंकों के द्वारा 5257 ऋण खातों से मु. 14018.02 लाख की वसूली की गयी जिसमे सबसे अधिक वसूली टिहरी जनपद में व सबसे कम उधम सिंह नगर में वसूली रही।

डा. धन सिंह रावत जी ने एक बार फिर सहकारिता के उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु सभी विभाग के अधिकारियों को और अधिक लगनशील व किर्यान्वन को धरातल में उतारने के निर्देश दिये तथा पूरे प्रदेश में हर गाँव हर शहर व हर घर को सहकारिता से लाभान्वित कराने की अपनी अटल इच्छा व्यक्त की। इस समीक्षा बैठक में निबन्धक सहकारिता वंदना सिंह अपर निबंधक, व राज्य सहकारी बैंक की प्रबंध निदेशक श्रीमती ईरा उप्रेती, अपर निबंधक श्री आनंद एडी शुक्ल, उपनिबंधक श्री एमपी त्रिपाठी , उपनिबंधक श्री मान सिंह सैनी, राज्य सहकारी बैंक की डीजीएम वंदना लखेडा,तथा कुमाऊं मंडल के उपनिबंधक श्री नीरज बेलवाल वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस समीक्षा बैठक में डिस्टिक कोऑपरेटिव बैंक की जीएम देहरादून, जीएम टिहरी , जीएम कोटद्वार( गढ़वाल ) जीएम चमोली, जीएम नैनीताल, जीएम उधमसिंहनगर, जीएम हरिद्वार,जीएम अल्मोड़ा, जीएम पिथौरागढ़,जीएम उत्तरकाशी जुड़े।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *