बिहार में बाढ़ के दौरान मूवी देखने पर सुशील मोदी की सफाई, एक साथ किए जा सकते हैं कई काम

बिहार 2017 के बाद एक बार फिर बाढ़ का सामना कर रहा है। उत्तर बिहार के करीब 8 जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। लोगों का आरोप है कि राज्य सरकार को जिस तत्परता से राहत बचाव कार्य करना चाहिए उसमें वो नाकाम रही है। इसके साथ ही बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी का सुपर-30 मूवी देखना विवादों के केंद्र में है। लेकिन अब उन्होंने चुप्पी तोड़ी है।

सुशील मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात के लिए गाली दी जा रही है कि बाढ़ की गिरफ्त में बिहार है लेकि वो सुपर-30 मूवी देख रहे थे। लेकिन वो कहना चाहते हैं कि एक ही साथ कई काम किए जा सकते हैं। हम लोग बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात ये है कि मीडिया में ऐसी बात को हवा दी जा रही है जिसका कोई आधार नहीं है। लेकिन सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए उन पर अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं।

उत्तर बिहार में सुपौल, मधुबनी, अररिया, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर जैसे जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। इन जिलों में लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। मवेशियों को चारे की दिक्कत हो रही है। लोग अपने घर बार को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं। बिहार सरकार का दावा है कि शासन और प्रशासन दोनों लोगों की दिक्कतों से वाकिफ है। ये बात अलग है कि लोग नीतीश कुमार सरकार के दावे की पोल खोल रहे हैं। उनका कहना है कि राहत सामाग्री के लिये उन लोगों को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।

मुजफ्फरपुर में एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसके बाद बिहार की सियासत गरमा गई। दरअसल एक बच्चा नदी के किनारे मृत अवस्था में मिला। इसे राजद मे सीरिया के समंदर तट पर पड़े बच्चे से की थी। लेकिन मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने कहा कि बच्चे की मौत बाढ़ से नहीं हुई थी। बल्कि मौत के पीछे पारिवारिक वजह थी।

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