जवान बेटा शिवेश की मौत से स्वर्ग आश्रम दुखी

ऋषिकेश स्वर्गाश्रम क्षेत्र एक बुरी खबर आई है। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता श्री नारायण सिंह रावत के पुत्र शिवेश रावत उम्र 35 साल नहीं रहे। इस जवान बेटे का निधन एम्स में हुआ। स्वर्गआश्रम, जोंक क्षेत्र सहित ऋषिकेश में शोक की लहर है।

1970 के दशक में बग्सारी गांव, पट्टी धनारी उत्तरकाशी से श्री नारायण सिंह रावत बसने स्वर्गआश्रम आ गए थे। उन्होंने वहां हल्का-फुल्का बिजनेस शुरू किया था। लेकिन शुरुआत से वह समाज सेवा में लीन हो गए। मुनीकीरेती से स्वर्ग आश्रम के बीच राम झूला पुल बनाने के लिए नारायण सिंह कई दिनों तक धरना उपवास पर बैठे रहे। पर्वतीय विकास मंत्री चंद्रमोहन सिंह नेगी ने उनका उपवास यह कहकर तुड़वाया कि, अगले महीने पुल पर काम शुरू हो जाएगा। इस तरह से राम झूला पुल का निर्माण हुआ।

जिस दिन जानकी पुल का मुनीकीरेती में उद्घाटन हुआ था उस दिन मैं भी वहां मौजूद था। भीड़ भाड़ छंटने के बाद मैं अकेला ही स्वर्ग आश्रम के लिए इस पुल से पहली बार चल दिया था। रावत जी ने स्वर्गआश्रम पहुंचते ही मुझे इस पुल के इतिहास और संघर्ष के बारे में बताया था। उन्होंने निष्पक्ष होकर चाहे वह विपक्ष का नेता हो जिस का योगदान पुल में था उनके नाम गिनाए और संघर्ष की तारीख ही गिनाई। उन्होंने उस दिन नगर पंचायत के चेयरमैन श्री माधव अग्रवाल के पिता श्री अग्रवाल सिर्फ मेरा परिचय भी करवाया था।
साथ अपने इस छोटे बेटे का भी। क्या मुस्काता चेहरा, और जिंदा दिल इंसान था शिवेश। हर समय मस्त रहना।
श्री नारायण सिंह रावत के ऋषिकेश के पत्रकारों के साथ अच्छे रिश्ते हैं वह उनके सूचनाओं की पूंजी हैं।पत्रकार लोग भी उनके जवान बेटे के निधन पर बहुत दुखी हैं। शिवेश के चाचा का नाम श्री विष्णुपाल सिंह रावत है। विष्णुपाल सिंह रावत उत्तरकाशी में रहते हैं तथा 90 के दशक से वह बड़े तेज तर्रार नेताओं में यूकेडी में गिने जाते हैं।

ईश्वर ने रावत परिवार के साथ बड़ा क्रूरता व्यवहार किया। शिवेश स्वर्ग आश्रम में ही पैदा हुआ और यही पढ़ा- लिखा।
और यहीं से आखिरी यात्रा में चल दिया। ईश्वर रावत परिवार को इस असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

शीशपाल गुसाईं

 

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