कोरोना से हालत बेहद खराब, लक्खी बाग श्मशान घाट पर भी टोकन सिस्टम लागू

उत्तराखंड जैसे छोटे से राज्य में भी कोरोना के बाद हालत बेहद खराब हैं. राज्य की मौजूदा स्थिति देखकर आप देश की स्थिति का अंदाजा बखूबी लगा सकते हैं. यहां मौतों का आलम यह है कि अब राजधानी देहरादून में श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए भी टोकन सिस्टम शुरू हो गया है. यहां इतनी लाशें इतनी आ रही हैं कि श्मशान घाट समिति ने अतिरिक्त लोगों को नौकरी पर रखा है, ताकि अधिक से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया जा सके.

लक्खी बाग राजधानी देहरादून का सबसे बड़ा श्मशान घाट है. अब तक यहां पर रोज लगभग 7 से 8 डेड बॉडीज का अंतिम संस्कार किया जाता था. मगर कोरोना काल में यह श्मशान घाट बेहद व्यस्त हो गया है. आजकल यहां एक साथ लगभग 8 से 10 शव जलाए जा रहे हैं. श्मशान घाट के कर्मचारियों का कहना है कि अब हर दिन शवों की संख्या 25 से 30 होने लगी.

लक्खी बाग श्मशान घाट पर काम करने वाले कर्मचारी बताते हैं कि शवों की संख्या बढ़ने से यहां काम बढ़ गया है. जिसे कारण अब टोकन सिस्टम शुरू करना पड़ रहा है. यहां जगह के साथ ही कर्मचारी भी सीमित हैं, लिहाजा अचानक से बढ़े शवों की संख्या और सही से अंतिम संस्कार के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया गया है.

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