सांसद चुनाव। त्रेपन सिंह नेगी , गोविंद सिंह नेगी।

त्रेपन सिंह नेगी,जी और गोविंद सिंह नेगी जी टिहरी गढ़वाल के  महान नेता हुए। चूंकि दोनो दो दो बार यूपी में टिहरी सीट
से विधायक रह चुके थे। लोकसभा भी लड़े। बेहतरीन  ढंग से। 
टिहरी बस अड्डे में टूरिस्ट होटल, सभी दलों का उस जमाने केंद्र हुआ करता था। वैसे भी। चुनाव में होना ही था। जब प्रत्याशी, या समर्थक शाम को अपने अपने प्रचार से आते थे  तब विश्राम करने टूरिस्ट होटल होता था। प्रचार चरम पर होता था। लेकिन तब एक दूसरे को कहते थे , तुम्हारी पोजिशन उस पट्टी में खराब है। देख लेना। सोचिए कितना प्यार, होता था, एक दूसरे में। साथ ही खाना खाते थे। सुबह एक दूसरे को बता कर, प्रचार के लिए रवाना होते थे। कोई छुपाना, मन मिटाव की बात ही नहीं।

कामरेड गोविंद सिंह नेगी जिस माइक से भाषण दे रहे थे, वह अचानक बंद हो गया, तब कांग्रेस के भूदेव लखेड़ा जी पूर्व सिंह नेगी जी ने फटाफट कांग्रेस का माइक उपलब्ध कराया।  इस तरह टिहरी गढ़वाल लोक सभा चुनाव में सिद्धांत ,पार्टी लाइन की लड़ाई लड़ी गई। पार्टी लाइन से कोई भी बाहर नहीं आता था। व्यकिगक्त चीजें हासिये पर होती थीं।
नमन ऐसे नेताओं को।

By शीशपाल गुसाईं

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