ओखलकांडा। क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चालक की मौत के बाद पूर्व दर्जा राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु आज शोकाकुल परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
- इस दौरान परिवारजनों एवं ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग हरीश पनेरु के समक्ष रखी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जिस मार्ग की स्थिति बेहद खराब और कच्ची थी, उस पर वाहन ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी?
ग्रामीणों का कहना है कि कृषि विभाग का सामान प्रधान के घर उतारने की क्या आवश्यकता थी? यदि सामान उतारने के लिए वाहन को ऐसे मार्ग पर ले जाया गया, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है और वाहन को उस मार्ग पर ले जाने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया?
परिजनों और ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि विधायक निधि से बनी कच्ची सड़क, जो सुरक्षित आवागमन के लिए तैयार नहीं थी, उस पर वाहन ले जाने का दबाव किसने बनाया?
हरीश पनेरु ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच में यदि सड़क निर्माण में एलाइनमेंट, गुणवत्ता या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं व्यक्तियों की जवाबदेही तय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि मृतक परिवार को तत्काल कम से कम ₹25 लाख का मुआवजा दिया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए खराब एवं असुरक्षित सड़कों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
हरीश पनेरु ने कहा—
> “आखिर कब तक पहाड़ की जनता खराब और असुरक्षित सड़कों की कीमत अपनी जान देकर चुकाती रहेगी? इस हादसे की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदारी तय हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”
उन्होंने कहा कि यह समय केवल संवेदना व्यक्त करने का नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का है। मृतक परिवार को न्याय मिले और भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।

